जब कोई नया बिज़नेस या दुकान शुरू करने की सोचता है, तो सबसे पहले दिमाग में येी आता है कि क्या बेचें और कैसे बेचें। लेकिन बहुत कम लोग ये सोचते हैं ग्राहक असल में चाहता क्या है। इसी को समझने का नाम है Market Research।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अक्सर छोटे दुकानदार या नए व्यापारी अपने अंदाज़े से काम शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि जो चीज़ उन्हें पसंद है, वही ग्राहक को भी पसंद आएगी। लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। नतीजा, माल तो आ जाता है, दुकान भी खुल जाती है, लेकिन बिक्री उम्मीद के अनुसार नहीं होती।
Market Research का मतलब ये नहीं है कि बड़े सर्वे कराए जाएँ या भारी रिपोर्ट बनाई जाए। छोटे बिज़नेस के लिए Market Research का मतलब है ग्राहकों को देखना, उनसे बात करना और उनकी ज़रूरत को समझना।
अगर आप ये जान लें कि ग्राहक क्या चाहता है, कितने दाम में चाहता है और क्यों खरीदता है, तो आपका बिज़नेस सही दिशा में चलता है। इस article में हम बहुत आसान तरीकों से समझेंगे कि छोटे बिज़नेस में Market Research कैसे की जा सकती है।
Contents
- 1 Market Research का असली मतलब क्या है?
- 2 Market Research और अनुमान में क्या फर्क होता है?
- 3 ग्राहक की ज़रूरत समझना ही असली Market Research है?
- 4 छोटे बिज़नेस के लिए Market Research करने के 5 आसान तरीके
- 5 ग्राहक को समझने के लिए किन सवालों पर ध्यान देना चाहिए
- 6 Market Research में नए लोग कौन-सी आम गलतियाँ करते हैं
- 7 दुकान खोलने से पहले Market Research कैसे करें
- 8 चल रहे छोटे बिज़नेस में Market Research कब करें
- 9 Conclusion – सही Market Research से बिज़नेस कैसे मजबूत बनता है
Market Research का असली मतलब क्या है?
Market Research का असली मतलब ये नहीं है कि आप कोई बड़ी रिपोर्ट बनाएं या फॉर्म भरवाएँ। छोटे बिज़नेस के लिए Market Research का मतलब है अपने आसपास के बाजार को ध्यान से समझना। यानी ये जानना कि लोग क्या खरीद रहे हैं, क्या नहीं खरीद रहे हैं और क्यों।
ग्राहक दुकान पर आकर क्या पूछता है, किस चीज़ को हाथ में लेकर वापस रख देता है, किस दाम पर रुक जाता है और किस दाम पर मना कर देता है। ये सारी बातें मिलकर Market Research बनती हैं।
कई लोग सोचते हैं कि Market Research सिर्फ बड़े बिज़नेस करते हैं, लेकिन असल में हर दुकानदार रोज़ थोड़ा बहुत Market Research करता ही है, बस उसे ये एहसास नहीं होता। जब आप देखते हैं कि कौन सा माल जल्दी खत्म हो रहा है और कौन सा महीनों से पड़ा है, तो आप मार्केट को समझ ही रहे होते हैं।
Market Research का काम ये बताना होता है कि बाजार में क्या चल रहा है और ग्राहक किस दिशा में सोच रहा है। इसी समझ के आधार पर सही माल, सही दाम और सही तरीका चुना जाता है।
Market Research और अनुमान में क्या फर्क होता है?
अनुमान का मतलब होता है बिना पक्की जानकारी के फैसला लेना। कई छोटे बिज़नेस इसी अनुमान पर चलते हैं। जैसे सोच लेना कि ये माल बिक जाएगा, ये दाम ठीक रहेगा या ग्राहक को ये पसंद आ जाएगा। अनुमान कभी कभी सही निकल सकता है, लेकिन ज़्यादातर बार इसमें जोखिम रहता है।
Market Research इसका उल्टा होता है। इसमें आप सोच के बजाय हकीकत को देखते हैं। ग्राहक क्या पूछ रहा है, क्या खरीद रहा है, किस दाम पर रुक रहा है और किस बात पर मना कर रहा है। ये सब देखकर लिया गया फैसला ज्यादा मजबूत होता है।
अनुमान में बिज़नेस सिर्फ अपनी सोच से चलता है, जबकि Market Research में बिज़नेस ग्राहक की सोच से चलता है। यही सबसे बड़ा फर्क है। अनुमान पर लिया गया फैसला नुकसान करा सकता है, लेकिन रिसर्च के आधार पर लिया गया फैसला गलती की संभावना कम कर देता है।
छोटे बिज़नेस में नुकसान उठाने की गुंजाइश कम होती है। इसलिए अनुमान के बजाय धीरे धीरे Market Research की आदत डालना ज्यादा सुरक्षित रहता है। इससे माल चुनने, दाम रखने और बिक्री बढ़ाने में मदद मिलती है।
ग्राहक की ज़रूरत समझना ही असली Market Research है?
छोटे बिज़नेस में Market Research का सबसे बड़ा हिस्सा ग्राहक को समझना होता है। ग्राहक दुकान पर क्यों आ रहा है, क्या ढूँढ रहा है और किस वजह से खरीद या मना कर रहा है। अगर ये जल्दी समझ आ जाए, तो महंगे सर्वे या रिपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती।
ग्राहक की ज़रूरत हर किसी के लिए अलग होती है। कोई दाम देखकर फैसला करता है, कोई क्वालिटी देखकर और कोई भरोसे पर। दुकानदार जितना अच्छे से ये फर्क समझेगा, उतना ही सही सामान और सही बात ग्राहक के सामने रख पाएगा।
आईये अब हम समझते हैं कि ग्राहक क्या चाहता है, खरीदते समय क्या सोचता है और किन वजहों से मना कर देता है।
ग्राहक क्या चाहता है और क्यों चाहता है
ग्राहक दुकान पर सिर्फ सामान देखने नहीं आता, वह अपनी किसी ज़रूरत को पूरा करने आता है। किसी को सस्ता सामान चाहिए, किसी को टिकाऊ, तो कोई ऐसा सामान चाहता है जो दिखने में अच्छा लगे। अगर दुकानदार ये समझ ले कि ग्राहक किस वजह से खरीद रहा है, तो सही सामान दिखाना आसान हो जाता है। ग्राहक की ज़रूरत समझने से गलत प्रोडक्ट बेचने की गलती कम होती है और बिक्री अपने आप बेहतर होने लगती है।
ग्राहक खरीदते समय क्या सोचता है
खरीदते समय ग्राहक दाम, भरोसा और सुविधा तीनों पर ध्यान देता है। वह देखता है कि दाम उसके बजट में है या नहीं, दुकानदार पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं, और सामान लेना आसान है या नहीं। अगर इनमें से कोई एक चीज़ कमजोर पड़ जाती है, तो ग्राहक बिना खरीदे वापस चला जाता है।
ग्राहक क्यों मना कर देता है
कई बार ग्राहक सामान देखकर भी मना कर देता है। इसकी वजह सिर्फ दाम नहीं होती। कभी उसे क्वालिटी पर भरोसा नहीं होता, कभी उसे लगता है कि कहीं और सस्ता मिल जाएगा, और कभी उसे आप के या आपके सेल्समेन द्वारा ठीक से समझाया नहीं जाता। जब दुकानदार ये समझने लगता है कि ग्राहक किस वजह से मना कर रहा है, तब वही जानकारी अगली बिक्री को बेहतर बनाने में काम आती है।
छोटे बिज़नेस के लिए Market Research करने के 5 आसान तरीके
छोटे बिज़नेस में Market Research करने के लिए किसी खास पढ़ाई या बड़े खर्च की जरूरत नहीं होती। जो दुकानदार रोज़ ग्राहकों से मिलता है, वही सबसे अच्छी रिसर्च कर सकता है। बस फर्क इतना है कि उसे ध्यान से देखना और समझना सीखना होता है। नीचे दिए गए पाँच तरीके ऐसे हैं जिन्हें कोई भी दुकानदार या नया व्यापारी आसानी से अपना सकता है।
- ग्राहक से सीधी बातचीत करना – ग्राहक दुकान पर आए तो उससे दो चार बातें करें। वो क्या ढूँढ रहा है, क्यों ढूँढ रहा है और पहले कहाँ से लेता था, ये बातें बहुत काम की जानकारी देती हैं।
- दुकान पर ग्राहकों का व्यवहार देखना – ग्राहक कौन सा सामान हाथ में उठाकर वापस रख देता है, किस जगह ज़्यादा रुकता है और किस पर बिना देखे आगे बढ़ जाता है, ये सब मार्केट की सच्चाई दिखाता है।
- क्या बिक रहा है और क्या नहीं, इस पर ध्यान देना – जो सामान बार बार बिक रहा है, वही ग्राहक की ज़रूरत दिखाता है। जो महीनों से पड़ा है, वो संकेत देता है कि बाजार को वो सामान नहीं चाहिए।
- आसपास के बाजार और दुकानों को देखना – दूसरी दुकानों में क्या चल रहा है, कौन सा माल ज़्यादा रखा गया है और ग्राहक कहाँ ज़्यादा जा रहा है, ये सब समझना जरूरी होता है।
- ग्राहक की शिकायत और सवाल सुनना – ग्राहक जो शिकायत करता है या जो सवाल बार बार पूछता है, वही बताता है कि सुधार कहाँ चाहिए।
ग्राहक को समझने के लिए किन सवालों पर ध्यान देना चाहिए
ग्राहक को समझने के लिए हमेशा सवाल पूछना जरूरी नहीं होता। कई बार ग्राहक खुद ही अपने व्यवहार और बातों से बहुत कुछ बता देता है। दुकानदार को बस ध्यान से देखना और सुनना होता है। नीचे कुछ ऐसे सवाल हैं जिन पर ध्यान देने से ग्राहक की सोच पता चलती है।
- ग्राहक दुकान पर आकर सबसे पहले क्या पूछता है
- वह किस चीज़ की तुलना करता है और क्यों
- किस दाम पर रुक जाता है और किस दाम पर मना कर देता है
- क्या वह बार बार एक ही शिकायत करता है
- क्या वह क्वालिटी पर सवाल करता है या दाम पर
- खरीदते समय वो क्या सोचता है
इन बातों पर ध्यान देने से ये समझ में आने लगता है कि ग्राहक की असली परेशानी क्या है। जब दुकानदार ये पहचान लेता है, तब सही माल रखना और सही दाम तय करना आसान हो जाता है।
Market Research में नए लोग कौन-सी आम गलतियाँ करते हैं
नया बिज़नेस शुरू करते समय बहुत से लोग Market Research को हल्के में ले लेते हैं। उन्हें लगता है कि जो उन्हें सही लग रहा है, वही बाजार में भी चलेगा। इसी सोच की वजह से कई छोटी लेकिन गंभीर गलतियाँ हो जाती हैं, जो आगे चलकर बिक्री और मुनाफे को नुकसान पहुँचाती हैं।
| आम गलती | इसका नुकसान |
|---|---|
| सिर्फ अंदाज़े से माल मँगाना | गलत प्रोडक्ट फँस जाता है |
| हर ग्राहक को एक जैसा समझना | सही ग्राहक तक बात नहीं पहुँचती |
| सिर्फ सस्ता बेचने पर ध्यान देना | मुनाफा खत्म हो जाता है |
| ग्राहक की बात ध्यान से न सुनना | भरोसा धीरे धीरे टूटता है |
इन गलतियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि ग्राहक और बाजार को ध्यान से देखा जाए। छोटी छोटी बातें ही सही Market Research बनती हैं और वही बिज़नेस को सही दिशा देती हैं।
दुकान खोलने से पहले Market Research कैसे करें
दुकान खोलने से पहले यानि के बिज़नेस का प्लान बनाने से भी पहले की गई Market Research सबसे ज़्यादा काम की होती है, क्योंकि इसी समय लिए गए फैसले आगे की दिशा तय करते हैं। इस चरण में गलती होने पर नुकसान की संभावना ज़्यादा रहती है।
सबसे पहले ये देखना जरूरी है कि उस इलाके में लोग किस तरह की चीज़ें खरीदते हैं। आसपास की दुकानों में क्या चल रहा है, कौन सा सामान जल्दी बिकता है और कौन सा कम, इस पर ध्यान देना चाहिए। इससे ये समझ आता है कि बाजार पहले से क्या स्वीकार कर चुका है।
दूसरी बात ये देखनी चाहिए कि उस जगह ग्राहक किस दाम तक आसानी से खरीद रहे हैं। बहुत महंगा या बहुत सस्ता माल रखने से परेशानी आ सकती है।
इसके अलावा ये भी देखना जरूरी है कि वहाँ ग्राहक की संख्या कैसी रहती है। सुबह, दोपहर और शाम के समय बाजार में कितनी भीड़ होती है, ये जानकारी सही फैसला लेने में मदद करती है। दुकान खोलने से पहले की गई ये छोटी सी रिसर्च आगे चलकर बड़े नुकसान से बचा सकती है।
चल रहे छोटे बिज़नेस में Market Research कब करें
कई लोग सोचते हैं कि Market Research सिर्फ बिज़नेस शुरू करने से पहले की जाती है। जबकि असल में चल रहे बिज़नेस में Market Research और भी ज़्यादा जरूरी हो जाती है। बाजार, ग्राहक और उनकी पसंद समय के साथ बदलती रहती है। अगर दुकानदार समय पर ये बदलाव नहीं समझ पाता, तो बिक्री धीरे धीरे गिरने लगती है।
जब बिक्री कम होने लगे
अगर अचानक या धीरे धीरे बिक्री कम होने लगे, तो ये एक साफ संकेत होता है कि बाजार में कुछ बदल रहा है। हो सकता है ग्राहक की ज़रूरत बदल गई हो, दाम उसे ज़्यादा लगने लगे हों या कोई दूसरा विकल्प सामने आ गया हो। इस समय ग्राहकों से बात करना और उनकी प्रतिक्रिया समझना बहुत जरूरी हो जाता है।
जब ग्राहक का व्यवहार बदलने लगे
कभी कभी ग्राहक दुकान पर तो आता है, लेकिन पहले जैसा नहीं खरीदता। वह ज़्यादा सवाल पूछने लगता है, दाम की तुलना करता है या बिना खरीदे लौट जाता है। ये संकेत देता है कि ग्राहक की सोच बदल रही है। ऐसे समय पर ये समझना जरूरी होता है कि वह अब क्या चाहता है और क्यों।
Conclusion – सही Market Research से बिज़नेस कैसे मजबूत बनता है
Market Research कोई मुश्किल या डराने वाला काम नहीं है। छोटे बिज़नेस के लिए इसका मतलब सिर्फ इतना है कि आप अपने ग्राहक और बाजार को ध्यान से समझें। ग्राहक क्या चाहता है, किस दाम पर खरीदता है और किन बातों पर मना कर देता है, ये जानकारी आपके बिज़नेस की सबसे बड़ी ताकत सकती है।
जब दुकानदार ग्राहक को समझकर काम करता है, तो गलत माल मँगाने की गलती कम हो जाती है। दाम सही रखने में मदद मिलती है और स्टॉक भी धीरे धीरे सही दिशा में चलता है। इससे पैसा फँसता नहीं, Cash Flow और बिक्री ज्यादा स्थिर रहती है।
Market Research से ये भी समझ में आता है कि बाजार कब बदल रहा है। ग्राहक की पसंद, जरूरत और सोच समय के साथ बदलती रहती है। जो दुकानदार इस बदलाव को समय पर पकड़ लेता है, वही लंबे समय तक टिक पाता है।
छोटे बिज़नेस में बड़ा फायदा येी होता है कि आप रोज़ ग्राहक के संपर्क में रहते हैं। अगर आप ध्यान से देखें, सुनें और समझें, तो वही रोज़मर्रा की बातें आपकी सबसे अच्छी Market Research बन जाती हैं। याद रखें, ग्राहक को समझना सीख लिया तो बिज़नेस अपने आप सही रास्ते पर चलने लगता है।






