मोबाइल आज के समय में सबकी जरुरत बन गया है। गाँव हो या शहर, हर किसी के पास मोबाइल है। मोबाइल गिर जाए, स्क्रीन टूट जाए, बैटरी खराब हो जाए या चार्जिंग की दिक्कत आ जाए, तो नया मोबाइल लेने की जगह लोग पहले रिपेयर करवाना ही पसंद करते हैं। यही वजह है कि मोबाइल रिपेयरिंग शॉप की मांग हर जगह है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मोबाइल रिपेयरिंग का बिज़नेस उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो नौकरी नहीं करना चाहते या खुद का काम शुरू करना चाहते हैं। इस काम को सीखने में ज़्यादा पढ़ाई की जरूरत नहीं होती और कम पैसों में शुरुआत की जा सकती है।
सबसे अच्छी बात ये है कि इस बिज़नेस में काम रोज़ मिलता है। जैसे जैसे मोबाइल बढ़ रहे हैं, वैसे वैसे रिपेयर की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। अगर काम सही तरीके से किया जाए और ग्राहक से ठीक से बात की जाए, तो आप इस मोबाइल रिपेयरिंग शॉप से धीरे धीरे बहुत अच्छी कमाई कर सकते हैं।
Contents
- 1 Mobile Repairing Shop का काम असल में क्या होता है?
- 2 Mobile Repairing Shop शुरू करने से पहले क्या सीखना ज़रूरी है
- 3 Mobile Repairing की ट्रेनिंग कहाँ और कैसे लें
- 4 Mobile Repairing का बेसिक काम क्या सीखें
- 5 Mobile Repairing Shop खोलने में कितना खर्च आता है
- 6 Mobile Repairing Shop के लिए जरूरी टूल्स और मशीन
- 7 Mobile Repairing Shop कहाँ खोलना सबसे सही रहेगा
- 8 मोबाइल रिपेयरिंग शॉप में कमाई कैसे होती है
- 9 मोबाइल रिपेयरिंग बिज़नेस में होने वाली आम गलतियाँ
- 10 Mobile Repairing Shop को धीरे-धीरे कैसे बढ़ाएं
- 11 Conclusion – Mobile Repairing Shop से स्थायी कमाई कैसे बनती है
Mobile Repairing Shop का काम असल में क्या होता है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि मोबाइल रिपेयरिंग का मतलब सिर्फ टूटी हुई स्क्रीन बदलना होता है। लेकिन असल में मोबाइल रिपेयरिंग शॉप में इससे कहीं ज़्यादा तरह के काम होते हैं। एक अच्छी मोबाइल रिपेयरिंग शॉप वही होती है जहाँ ग्राहक की ज़्यादातर छोटी बड़ी समस्याओं का हल मिल जाए।
मोबाइल रिपेयरिंग का काम धीरे धीरे सीखा जा सकता है। शुरुआत में सभी काम आना जरूरी नहीं होता। जैसे जैसे अनुभव बढ़ता है, वैसे वैसे काम भी बढ़ते जाते हैं।
मोबाइल रिपेयरिंग शॉप में आम तौर पर ये काम किए जाते हैं:
- मोबाइल की स्क्रीन बदलना, जब स्क्रीन टूट जाती है या टच काम नहीं करता
- बैटरी बदलना, जब मोबाइल जल्दी डिस्चार्ज होने लगता है
- चार्जिंग की समस्या ठीक करना, जैसे चार्ज न होना या ढीला पोर्ट
- स्पीकर और माइक की दिक्कत ठीक करना, जब आवाज़ साफ न आए
- नेटवर्क की समस्या देखना, जैसे सिम न पकड़ना या नेटवर्क गायब रहना
- मोबाइल का सॉफ्टवेयर अपडेट या रीसेट करना
- मोबाइल हैंग होने या स्लो चलने की समस्या ठीक करना
- छोटे मोटे पार्ट्स बदलना, जैसे वॉल्यूम या पावर बटन
- मोबाइल से जुड़ी एक्सेसरी बेचना, जैसे चार्जर, केबल, ईयरफोन, कवर
- ग्राहक का डेटा बैकअप या डेटा से जुड़ी समस्या में मदद करना
इन कामों में से कई ऐसे हैं जो रोज़ आते हैं और बार बार आते हैं। यही वजह है कि मोबाइल रिपेयरिंग शॉप में काम की कमी नहीं होती।
Mobile Repairing Shop शुरू करने से पहले क्या सीखना ज़रूरी है
Mobile Repairing Shop खोलने से पहले यह समझना बहुत ज़रूरी है कि सिर्फ दुकान खोल लेना काफी नहीं होता। अगर काम ठीक से नहीं आता, तो ग्राहक दोबारा नहीं आता और बदनामी भी हो सकती है। इसलिए शुरुआत करने से पहले कुछ जरूरी बातें सीखना बहुत फायदेमंद रहता है।
इन बातों को सीखने से आप आत्मविश्वास के साथ काम कर पाएँगे, गलतियों से बचेंगे और धीरे धीरे अच्छे काम की पहचान बना पाएँगे। नीचे ऐसे पाँच जरूरी तरीके बताए गए हैं जिन्हें सीखकर कोई भी शुरुआती व्यक्ति मोबाइल रिपेयरिंग शॉप शुरू करने के लिए खुद को तैयार कर सकता है।
बेसिक मोबाइल हार्डवेयर की समझ बनाना
मोबाइल के अंदर कौन सा पार्ट कहाँ लगा होता है, यह जानना बहुत जरूरी है। जैसे स्क्रीन, बैटरी, चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर और बोर्ड। जब आपको यह समझ आ जाएगी कि कौन सा पार्ट किस काम का है, तब रिपेयर करते समय गलती की संभावना कम हो जाती है और काम आसान लगता है।
सॉफ्टवेयर से जुड़ी सामान्य समस्याएँ सीखना
आजकल बहुत सी मोबाइल समस्याएँ सॉफ्टवेयर से जुड़ी होती हैं। जैसे मोबाइल हैंग होना, लॉक हो जाना या अपडेट की दिक्कत। इन बेसिक सॉफ्टवेयर समस्याओं को ठीक करना सीखने से आप कई ग्राहकों की मदद कर पाएँगे और बिना पार्ट बदले भी कमाई कर सकेंगे।
रिपेयर टूल्स का सही इस्तेमाल सीखना
मोबाइल रिपेयरिंग में छोटे छोटे टूल्स का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी होता है। गलत टूल या गलत तरीका मोबाइल को और खराब कर सकता है। इसलिए स्क्रूड्राइवर, हीट गन, ब्लेड और अन्य टूल्स को सही तरीके से पकड़ना और इस्तेमाल करना सीखना जरूरी होता है।
ग्राहक से सही बात करना सीखना
मोबाइल रिपेयरिंग में सिर्फ काम आना ही नहीं, बल्कि ग्राहक से बात करना भी आना चाहिए। समस्या ध्यान से सुनना, सही समय और सही दाम बताना बहुत जरूरी है। इससे ग्राहक का भरोसा बनता है और वह दोबारा भी आपकी शॉप पर आता है।
छोटी गलतियों से बचने की आदत डालना
शुरुआत में छोटी छोटी गलतियाँ होना आम बात है। लेकिन उन्हें दोहराना नुकसान कर सकता है। जैसे मोबाइल खोलते समय जल्दबाज़ी करना या बिना जाँच किए पार्ट बदल देना। धीरे और ध्यान से काम करने की आदत डालने से नुकसान से बचा जा सकता है।
Mobile Repairing की ट्रेनिंग कहाँ और कैसे लें
शॉप खोलने से पहले सही बिज़नेस प्लान बनाना और ट्रेनिंग लेना बहुत जरूरी होता है। बिना ट्रेनिंग सीधे काम शुरू करने से मोबाइल खराब होने का डर रहता है, जिससे ग्राहक नाराज़ हो सकता है और अगर आपने ग्राहक का मोबाइल और खराब कर दिया तो आपको नुकसान भी भरना पड़ सकता है। अच्छी ट्रेनिंग से न सिर्फ काम सही तरीके से सीखने को मिलता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
आज के समय में मोबाइल रिपेयरिंग सीखने के कई रास्ते हैं। कोई ऑफलाइन सीखता है, कोई ऑनलाइन और कोई काम करते करते। जरूरी यह है कि आप ऐसा तरीका चुनें जिससे आपको सही जानकारी, अभ्यास और समझ मिल सके। नीचे मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग लेने के पाँच आसान तरीके बताए गए हैं।
Ofline सेंटर से सीखना
ऑफलाइन ट्रेनिंग सेंटर में मोबाइल रिपेयरिंग सीखने का फायदा यह होता है कि वहाँ मशीन और मोबाइल पर सीधे काम करना सिखाया जाता है। शिक्षक सामने होता है, इसलिए सवाल पूछना आसान रहता है। शुरुआती लोगों के लिए यह तरीका सबसे सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि गलती होने पर तुरंत सुधार मिल जाता है।
किसी अनुभवी Repairing Shop पर काम सीखना
कई लोग सीधे किसी पुरानी मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पर काम करके सीखते हैं। इसमें रोज़ के असली काम देखने और करने को मिलते हैं। शुरुआत में सफाई या छोटे काम मिलते हैं, लेकिन धीरे धीरे असली रिपेयर भी सिखाई जाती है। यह तरीका समय लेता है, लेकिन अनुभव बहुत मजबूत बनता है। इस तरीके से आप दूकान चलाना, ग्राहक से बात करना और यहां आप सभी नए पुराने हर तरह के मोबाइल को रिपेयर करना सीखते हैं।
Online Course से बेसिक जानकारी लेना
आज इंटरनेट पर मोबाइल रिपेयरिंग के कई ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध हैं। इनसे मोबाइल के पार्ट्स, समस्याएँ और सॉल्यूशन समझने में मदद मिलती है। हालांकि सिर्फ ऑनलाइन देखकर काम सीखना मुश्किल होता है, लेकिन बेसिक समझ बनाने के लिए यह तरीका उपयोगी हो सकता है।
YouTube से सीखने की सच्चाई समझना
यूट्यूब पर मोबाइल रिपेयरिंग से जुड़े बहुत से वीडियो मिल जाते हैं। इनसे देखने में आसानी होती है, लेकिन हर वीडियो सही हो, यह जरूरी नहीं। बिना अभ्यास के सिर्फ वीडियो देखकर काम करना नुकसानदायक हो सकता है। यूट्यूब को सहायक मानें, पूरा ट्रेनिंग विकल्प नहीं।
ट्रेनिंग चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें
ट्रेनिंग लेते समय यह देखें कि वहाँ प्रैक्टिकल सिखाया जा रहा है या नहीं। सिर्फ थ्योरी से काम नहीं चलेगा। यह भी देखें कि ट्रेनिंग के बाद सपोर्ट मिलता है या नहीं। सही ट्रेनिंग वही होती है जो आपको काम करने लायक बना दे, सिर्फ सर्टिफिकेट न दे।
मोबाइल रिपेयरिंग शॉप खोलने के 7 आसान स्टेप
Mobile Repairing का बेसिक काम क्या सीखें
- दुकान खोलने से पहले स्क्रीन, बैटरी, चार्जिंग और सॉफ्टवेयर जैसी सामान्य रिपेयर सीखना जरूरी होता है।
- यह देखें कि आपके आसपास कौन से मोबाइल ज्यादा चल रहे हैं और लोग किस तरह की रिपेयर के लिए आते हैं।
- शुरुआत में सिर्फ वही टूल्स लें जिनसे बेसिक रिपेयर हो सके, बहुत महंगी मशीन बाद में भी ली जा सकती है।
- ऐसी जगह चुनें जहाँ लोगों की आवाजाही हो, जैसे बाजार, सड़क के पास या भीड़ वाला इलाका।
- स्क्रीन, बैटरी और चार्जिंग पिन जैसे आम पार्ट्स पहले से रखें ताकि ग्राहक को इंतजार न करना पड़े।
- दाम बहुत ज्यादा भी न हों और इतने कम भी न हों कि मुनाफा न बचे। आसपास की दुकानों से तुलना करें।
- एक साफ बोर्ड लगाएँ, आसपास के लोगों को बताएं और अच्छे काम से धीरे धीरे भरोसा बनाएं।
Mobile Repairing Shop खोलने में कितना खर्च आता है
Mobile Repairing Shop खोलने में बहुत ज़्यादा पैसे की जरूरत नहीं होती। अगर आप छोटे स्तर से शुरुआत करना चाहते हैं, तो कम बजट में भी यह काम शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में सबसे बड़ा खर्च टूल्स और मशीन पर आता है, जो एक बार खरीदने के बाद लंबे समय तक काम आते हैं। इसके अलावा कुछ आम मोबाइल पार्ट्स जैसे स्क्रीन, बैटरी और चार्जिंग पिन रखने पड़ते हैं।
अगर दुकान किराए पर लेते हैं, तो उसका खर्च अलग होगा। चाहें तो शुरुआत घर से भी की जा सकती है। कुल मिलाकर एक छोटी मोबाइल रिपेयरिंग शॉप 30 से 60 हजार रुपये में शुरू हो सकती है।
अगर आप लोन लेकर बिज़नेस खोलने की सोच रहे हैं तो आप सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाल मुद्रा लोन ले सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए हमारा बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कहाँ से लाये आर्टिकल पढ़ सकते हैं।
Mobile Repairing Shop के लिए जरूरी टूल्स और मशीन
शॉप में काम करने के लिए बहुत महंगी मशीनों की जरूरत नहीं होती। शुरुआत में कुछ बेसिक टूल्स से ही ज़्यादातर रिपेयर का काम हो जाता है। जैसे जैसे अनुभव और काम बढ़ता है, वैसे वैसे नई मशीनें जोड़ी जा सकती हैं।
शुरुआत में स्क्रूड्राइवर सेट, ओपनिंग टूल, पिनसेट, सक्शन कप और ब्रश जैसे टूल्स बहुत काम आते हैं। इनसे मोबाइल खोलने और छोटे पार्ट्स संभालने में आसानी होती है। इसके अलावा एक साधारण हीट गन या हीट प्लेट स्क्रीन निकालने के लिए जरूरी होती है।
चार्जिंग और पावर की जाँच के लिए मल्टीमीटर रखना भी फायदेमंद रहता है। यह टूल समस्या पहचानने में मदद करता है। एक अच्छी लाइट और साफ टेबल भी जरूरी होती है, ताकि छोटे पार्ट्स आसानी से दिख सकें।
शुरुआत में हर मशीन खरीदना जरूरी नहीं है। पहले बेसिक टूल्स से काम सीखें और जब काम बढ़ने लगे, तब धीरे धीरे नई मशीनें जोड़ें। इससे खर्च भी नियंत्रण में रहेगा और काम भी सही चलता रहेगा।
Mobile Repairing Shop कहाँ खोलना सबसे सही रहेगा
शॉप की जगह सही होना बहुत जरूरी है, क्योंकि यही तय करती है कि ग्राहक आसानी से आपके पास आएगा या नहीं। चाहे आपका काम कितना भी अच्छा हो, अगर दुकान गलत जगह पर है तो ग्राहक कम आएँगे।
सबसे अच्छी जगह वह होती है जहाँ लोगों की आवाजाही ज़्यादा हो। जैसे बाजार, मुख्य सड़क के पास, बस स्टैंड या ऐसी जगह जहाँ मोबाइल की दूसरी दुकाने भी हों। जहाँ लोग मोबाइल खरीदने आते हैं, वहीं रिपेयर की जरूरत भी सबसे ज़्यादा पड़ती है।
अगर बाजार में दुकान लेना महंगा लग रहा है, तो मोहल्ले में भी शॉप खोली जा सकती है। लेकिन वहाँ यह ध्यान रखें कि आसपास रहने वाले लोग मोबाइल इस्तेमाल करते हों और उन्हें दूर जाने में परेशानी होती हो। कई बार मोहल्ले की दुकानें भरोसे की वजह से अच्छा काम करती हैं।
दुकान बहुत बड़ी होना जरूरी नहीं है। मोबाइल रिपेयरिंग के लिए छोटी और साफ जगह भी काफी होती है। बस इतना ध्यान रखें कि बैठने, काम करने और सामान रखने की जगह ठीक हो।
दुकान के बाहर साफ बोर्ड लगाना भी बहुत जरूरी है, ताकि दूर से ही लोग समझ जाएँ कि यहाँ मोबाइल रिपेयरिंग का काम होता है। सही जगह पर खुली शॉप जल्दी पहचान बना लेती है।
मोबाइल रिपेयरिंग शॉप में कमाई कैसे होती है
शॉप में कमाई के कई रास्ते होते हैं। यह सिर्फ एक ही तरह की आमदनी पर निर्भर नहीं रहती। यही वजह है कि यह बिज़नेस धीरे धीरे मजबूत बन जाता है। जैसे जैसे काम और अनुभव बढ़ता है, वैसे वैसे कमाई के मौके भी बढ़ते जाते हैं।
सबसे पहली कमाई मोबाइल रिपेयर के काम से होती है। स्क्रीन बदलना, बैटरी बदलना, चार्जिंग की समस्या ठीक करना, स्पीकर या माइक की दिक्कत सही करना जैसे काम रोज़ आते हैं। इन कामों में समय कम लगता है और चार्ज ठीक ठाक मिल जाता है। छोटे काम भी मिलकर अच्छी कमाई बना देते हैं।
दूसरी कमाई मोबाइल पार्ट्स बदलने से होती है। जब आप स्क्रीन, बैटरी या कोई और पार्ट बदलते हैं, तो उसमें रिपेयर चार्ज के साथ साथ पार्ट पर भी मुनाफा जुड़ता है। अगर आप सही दाम पर अच्छे पार्ट्स खरीदते हैं, तो इसमें अच्छा फायदा निकलता है।
तीसरी कमाई मोबाइल एक्सेसरी बेचने से होती है। जैसे चार्जर, डेटा केबल, ईयरफोन, कवर और टेम्पर्ड ग्लास। ये चीजें हर मोबाइल यूज़र को चाहिए होती हैं और इन पर मुनाफा भी ठीक रहता है।
इसके अलावा सॉफ्टवेयर से जुड़े काम भी कमाई का अच्छा जरिया होते हैं। मोबाइल अपडेट करना, डेटा रिकवरी में मदद करना या फोन को सही सेट करना जैसे काम बिना ज्यादा खर्च के हो जाते हैं।
शुरुआत में कमाई थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन जैसे जैसे ग्राहक बढ़ते हैं और भरोसा बनता है, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप से स्थायी और अच्छी कमाई होने लगती है।
मोबाइल रिपेयरिंग बिज़नेस में होने वाली आम गलतियाँ
- बिना पूरी ट्रेनिंग या अभ्यास के सीधे दुकान खोल देना।
- मोबाइल खोलते समय जल्दबाज़ी करना और नुकसान कर बैठना।
- घटिया या सस्ते पार्ट्स का इस्तेमाल करना।
- रिपेयर के दाम बहुत कम या बहुत ज़्यादा रख देना।
- ग्राहक को समस्या और खर्च ठीक से न समझाना।
- मोबाइल की सही जाँच किए बिना रिपेयर शुरू कर देना।
- अपने काम की कोई गारंटी या जिम्मेदारी न लेना।
- साफ सफाई और दुकान की व्यवस्था पर ध्यान न देना।
- नए मोबाइल मॉडल और नई समस्याएँ सीखते न रहना।
- ग्राहक से गलत व्यवहार करना या शिकायत को हल्के में लेना।
Mobile Repairing Shop को धीरे-धीरे कैसे बढ़ाएं
शॉप को बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी चीज़ धैर्य और लगातार सीखना होता है। शुरुआत में काम सीमित हो सकता है, लेकिन अगर आप रोज़ बेहतर काम करेंगे, तो ग्राहक अपने आप बढ़ते जाएँगे। सबसे पहले अपने काम की क्वालिटी पर ध्यान दें। सही रिपेयर और ईमानदार सलाह से ग्राहक का भरोसा बनता है।
धीरे धीरे नए मोबाइल मॉडल और नई समस्याएँ सीखते रहें। जैसे जैसे आपके पास ज्यादा काम आने लगे, वैसे वैसे नई सर्विस जोड़ सकते हैं। मोबाइल एक्सेसरी, टेम्पर्ड ग्लास और चार्जर जैसी चीजें जोड़ने से कमाई भी बढ़ती है।
ग्राहक से अच्छा व्यवहार और समय पर काम देना बहुत जरूरी है। खुश ग्राहक दूसरों को भी आपकी शॉप के बारे में बताते हैं। दुकान को साफ रखें और बाहर बोर्ड ठीक से लगाएँ।
जब काम स्थिर हो जाए, तब बेहतर टूल्स और मशीन में निवेश करें। इस तरह शॉप धीरे धीरे मजबूत और भरोसेमंद बनती जाती है।
Conclusion – Mobile Repairing Shop से स्थायी कमाई कैसे बनती है
Mobile Repairing Shop उन लोगों के लिए अच्छा बिज़नेस है जो मेहनत करना चाहते हैं और धीरे धीरे कुछ स्थायी बनाना चाहते हैं। इस काम में सबसे बड़ी ताकत आपकी स्किल होती है। जितना अच्छा काम करेंगे, उतना ज़्यादा भरोसा बनेगा और ग्राहक खुद बढ़ते जाएँगे।
इस गाइड में आपने देखा कि मोबाइल रिपेयरिंग शॉप शुरू करने के लिए बहुत ज़्यादा पैसों या बड़ी पढ़ाई की जरूरत नहीं होती। सही ट्रेनिंग, सही जगह, सही टूल्स और ईमानदार काम से कोई भी शुरुआत कर सकता है। शुरुआत में काम कम हो सकता है, लेकिन धैर्य रखने से हालात बेहतर होते जाते हैं।
इस बिज़नेस में सीखना कभी बंद नहीं होता। नए मोबाइल आते रहते हैं और नई समस्याएँ भी। जो व्यक्ति सीखते रहना अपनाता है, वही आगे बढ़ता है। अगर आप ग्राहक की समस्या को अपनी समस्या समझकर हल करेंगे, तो मोबाइल रिपेयरिंग शॉप सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि भरोसे का नाम बन जाती है।






