किराना स्टोर बिज़नेस एक ऐसा बिज़नेस है जो साल के बारह महीने चलता है। इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए किसी डिग्री या उच्च पढ़ाई की जरुरत नहीं होती है। और न ही किसी बड़ी पूँजी की। इसके लिए कोई बड़ी जगह भी नहीं चाहिए होती। रही बात पैसे की तो किराना स्टोर खोलने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। जरुरत है तो बस कुछ अनुभव की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अगर किराना स्टोर का बिज़नेस शुरू करने से पहले आप किसी अन्य किराना स्टोर पर कुछ समय के लिए काम करेंगे तो आप इस बिज़नेस की बारीकियां अच्छे से समझ जायेंगे। इस बिजनेस को कैसे शुरु करें, लोन कहाँ से मिलेगा, इस बिज़नेस के क्या लाभ और क्या दिक्कतें हैं आदि की पूरी जानकारी आपको इस अर्टिकल में मिलने वाली है।
Contents
- 1 किराना स्टोर खोलने में कितना खर्च आता है?
- 2 किराना का सामान कहाँ से सस्ता मिलता है?
- 3 किराना दुकान का लाइसेंस बनाने में कितना खर्च आता है?
- 4 दुकान को अच्छे से चलाने के लिए क्या करना चाहिए ?
- 5 दुकान ना चल रही हो तो क्या करें ?
- 6 किराना दुकान खोलने के लिए लोन कहाँ से लें ?
- 7 लोन प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करें ?
किराना स्टोर खोलने में कितना खर्च आता है?
किराना स्टोर खोलने की शुरुआती लागत रु 5 लाख से रु 10 लाख तक आ सकती है। अगर एक छोटी दुकान खोलनी हो तो रु 2 लाख से रु 10 लाख तक का निवेश किया जा सकता है। लेकिन अगर किराना स्टोर किसी बड़े सुपरमार्केट में खोलना हो तो रु 40 लाख से रु 50 लाख तक खर्च हो सकता है।
किराना स्टोर खोलने की लागत को हम आगे दिए गए विवरण से अनुमान लगा सकते हैं।
किराया और सिक्योरिटी
स्टोर का किराया स्थान के अनुसार रु 5,000 से रु 50,000 प्रति महीना हो सकता है। इसके साथ ही 3 महीने या 6 महीने की सिक्योरिटी भी जमा करवानी होती है।
स्टॉक
शुरुआती स्टॉक के लिए रु 1 लाख से रु 3 लाख तक का खर्च आ सकता है। ये खर्च इस बात पर निर्भर है कि दुकान के आकार और उत्पादों पर पर निर्भर करता है।
फर्नीचर और उपकरण
रैक, शेल्फ, काउंटर, कॅश बॉक्स और फ्रिज जैसे उपकरणों पर रु 70,000 से रु 2.5 लाख तक का खर्च आ सकता है।
परमिट और लाइसेंस
दुकान के लिए GST और FSSAI जैसे लाइसेंस लेने के लिए रु 5,000 से रु 20,000 तक लग सकते हैं।
साइन बोर्ड – इसके लिए रु 5,000 से रु 10, 000 तक का खर्च हो सकता है।
मार्केटिंग – इसमें रु 5,000 से रु 20,000 तक का खर्च हो सकता है।
किराना का सामान कहाँ से सस्ता मिलता है?
किराना का सामान आपको सस्ता मिले इसके लिए आपको थोक बजारों में जाना होगा। सस्ते किराना सामान के लिए आप आगे दिए गए स्रोतों पर जा सकते हैं –
थोक बाजार
इन बाजारों में ज्यादा मात्रा में सामान खरीदने के लिए आपको अच्छी खासी छूट मिल सकती है। आप यहां से थोक के रेट में सामान खरीदकर रिटेल पर बेच सकते हैं।
लोकल मंडी
अगर आपको ताज़ी सब्जियां, फल और अन्य उत्पाद खरीदने हैं तो आप लोकल मंडियों से दामों में इन्हें खरीद सकते हैं।
सुपरमार्केट
आप बिग बाजार (Big Bazaar), डी-मार्ट (D-Mart), जैसे सुपरमार्केट से भी अपनी जरूरतों के हिसाब से वाजिब कीमत में सामान ले सकते हैं।
स्थानीय बड़ी दुकानें
आप इन दुकानों से भी खरीददारी कर सकते हैं। यहाँ से आपको अच्छा डिस्काउंट भी मिल जायेगा।
ऑनलाइन शॉपिंग एप्स
आप फ्लिपकार्ट (Flipkart), अमेजॉन (Amazon), बिग बास्केट (Big Basket), और जिओमार्ट (Jio Mart) आदि से भी कम कीमतों में सामान ले सकते हैं। ये शॉपिंग एप्स समय समय पर सेल चलाते रहते हैं, तब काफी काम कीमत पर सामान उपलब्ध होता है।
किराना दुकान का लाइसेंस बनाने में कितना खर्च आता है?
किराना दूकान के लाइसेंस कई प्रकार के होते हैं और उनके शुल्क भी भिन्न होते हैं। इनकी लागत आपके शहर, राज्य, और व्यवसाय के आकार पर आधारित होती है। जैसे की FSSAI लाइसेंस के लिए शुल्क इस तरह से है –
बेसिक रजिस्ट्रेशन
रु 100 प्रति साल (अगर वार्षिक टर्नओवर रु 12 लाख से कम हो।
स्टेट लाइसेंस
रु 2,000 (सरकारी शुल्क) + रु 3,500 (व्यवसायिक शुल्क) = कुल रु 5,500 प्रति साल ।
केंद्रीय लाइसेंस
रु 7,500 (सरकारी शुल्क) + रु 5,000 (व्यवसायिक शुल्क) = कुल रु 12,500 प्रति साल।
इसके अलावा स्थानीय नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना होता है जिसका शुल्क दूकान के आकार के आधार पर निर्धारित होता है। इसमें जीएसटी (GST) और अन्य करों की लागत शामिल नहीं होती। इसकी सूची नीचे दी गई है।
ट्रेड लाइसेंस शुल्क (स्थानीय नगर निगम)
- 10 वर्ग मीटर तक – रु 200 वार्षिक।
- 10-20 वर्ग मीटर – रु 500 वार्षिक।
- 20 वर्ग मीटर से ज्यादा – रु 50 प्रति वर्ग मीटर वार्षिक।
दुकान को अच्छे से चलाने के लिए क्या करना चाहिए ?
अगर आप भी किराना स्टोर खोलना चाहते हैं तो आपको कई बातों का ध्यान रखने की जरुरत है। किराना स्टोर खोलना कोई बड़ी बात नहीं होती लेकिन उस दुकान को चलाना जरूर बड़ी बात होती है। आपकी किराना दुकान आपके लिए लाभ का सौदा साबित हो, इसके लिए आपको कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना होगा। जैसे कि –
बाजार की डिमांड
सबसे पहले ये देखें कि जिस जगह पर आप किराना स्टोर खोलना चाहते हैं वहां पर किराना की दूकान की कितनी माँग है या क्या वहां पर पहले से ही किराना स्टोर खुले हुए हैं। अगर पहले से ही करना स्टोर मौजूद हैं तो आपको प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
व्यवसाय योजना
आपको किराना स्टोर के लिए एक भरोसेमंद उत्पादों की लिस्ट और वाजिब मूल्यों की लिस्ट बनानी होगी। आप कुछ ऐसे उत्पाद भी जरूर लिस्ट में शामिल करें जो आपके स्टोर की विशेष पहचान बन जाएँ।
बजट
अपने उत्पादों की गुणवत्ता और मात्रा के आधार पर बजट तैयार करें।
कानून और लाइसेंस सम्बंधित जरुरी जानकारी
इसके लिए किसी वकील से सलाह लें और अपने व्यवसाय का पंजीकरण करवाएँ। जो भी जरुरी लाइसेंस और परमिट चाहिए हों, उनकी जानकारी लें।
स्थान
किराना स्टोर खोलने के लिए उपयुक्त स्थान का चुनाव करें जहाँ पर ग्राहकों की पहुँच आसान हो और पार्किंग के लिए भी सुविधा हो।
साथ में दुकान का डिज़ाइन ऐसा हो कि सभी उत्पाद आसानी से दिखाई दें और जो ग्राहकों को आकर्षित करें।
सामान रखने के लिए फ्रिज, रैक और जरुरी फर्नीचर खरीद लें।
थोक विक्रेता से सामान
किराना स्टोर के लिए थोक विक्रेता से सीधे संपर्क करके उचित मूल्य पर स्टॉक खरीदे। शुरुआत में आवश्यक सामान ही खरीदें।
मार्केटिंग
आप विज्ञापन, सोशल मीडिया की मदद से अपने स्टोर का प्रचार कर सकते हैं।
आप विशेष छूटों की मदद से ग्राहकों को अपने स्टोर की तरफ खींच सकते हैं।
दुकान ना चल रही हो तो क्या करें ?
अगर काफी मेहनत के बाद भी दुकान नहीं चल रही है तो आपको ये समझना जरुरी है कि समस्या कहाँ आ रही है। ये समस्या व्यवसायिक, व्यवहारिक या मार्केटिंग से सम्बंधित हो सकती है। इन सभी परेशानियों से निजात पाने के लिए कुछ उपाय दिए गए हैं।
व्यवसायिक उपाय
समस्या को समझें – अगर दुकान की बिक्री कम हो रही है तो ये पता लगाएं कि कहीं ये समस्या दूकान की लोकेशन, उत्पाद की गुणवत्ता या कीमत से समबन्धित तो नहीं है। कई बार होता है कि दुकान ऐसी जगह पर होती है जहां पर ज्यादा ग्राहकों की पहुँच नहीं हो पाती। या फिर उन्हें अपने वाहन पार्क करने में दिक्कत आती हो।
इसलिए ये सुनिश्चित करें कि ग्राहकों की इन परेशानियों को कम किया जा सके। उत्पाद की गुणवत्ता भी दुकान कम चलने का कारण बन सकती है। इसके लिए आप ये यकीनी बनाएं कि उच्च गुणवत्ता का सामान ही दुकान में भरें।
व्यवहारिक उपाय
कई बार दुकानदार का व्यवहार भी ग्राहकों को पसंद नहीं आता। कहते हैं दुकानदार की जुबान मीठी गोली की तरह होनी चाहिए। इसके लिए ग्राहकों से अच्छे से बात करें और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश करें।
मार्केटिंग (Marketing) करें
कई बार सही तरीके से दूकान की मार्केटिंग नहीं हो पाती जिसकी वजह से दुकान की कम ग्राहकों तक पहुँच हो पाती है। इसकेलिए कुछ उपाय किये जा सकते हैं जैसे कि –
- सोशल मीडिया और ऑनलाइन विजापन की मदद ली जा सकती है।
- ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए डिस्काउंट (Discount) और कुछ खास ऑफर भी दिए जा सकते हैं।
- ग्राहकों को दुकान की तरफ आकर्षित करने के लिए साफ सफाई का ध्यान रखें। साथ ही दुकान को सजावट के साथ आकर्षक बनाएं।
कुछ धार्मिक उपाय
- दुकान को खोलते और बंद करते समय लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा जरूर करें।
- दुकान में घी का दीपक जरूर जलाएं और साथ में धूप-बत्ती दिखाएँ।
- अपने कुल देवता या इष्ट देवता की तस्वीर दुकान में जरूर लगाएं।
किराना दुकान खोलने के लिए लोन कहाँ से लें ?
लोन लेने के लिए बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियाँ (NBFCs), और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। सबसे अच्छा विकल्प प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) है जो बिना कुछ गिरवी रखे रु 10 लाख तक का लोन प्रदान करती है। और भी कई सरकारी योजनाएं और निजी कंपनियां हैं जो विभिन्न शर्तों पर लोन उपलब्ध करवाती हैं। इनके बारे में आगे विस्तार से बताया गया है –
सरकारी योजनाएं
प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) – ये योजना छोटे दुकानदारों या व्यवसायों के लिए वरदान है क्यूंकि ये रु 10 लाख तक का लोन बिना कुछ गिरवी रखे प्रदान करती है।
PM स्वनिधि योजना – ये छोटे दुकानवालों और फेरी वालों को लोन प्रदान करती है। इसे आप ऑनलाइन आवेदन करके या आवेदन फार्म बैंक में जमा करके प्राप्त क्र सकते हैं।
बैंक और गैर-वित्तीय कम्पनियाँ
बैंक – बैंक अच्छी ब्याज दरों पर लोन देते हैं पर इनकी प्रक्रिया थोड़ी लम्बी होती है।
गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) – बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv), Flexiloans, Poonawalla Fincorp जैसी निजी कंपनियां बिना कुछ गिरवी रखे तुरंत लोन प्रदान करती हैं। इनकी लोन प्रक्रिया आसान होती है। कुछ कंपनियां रु 80 लाख तक का लोन भी प्रदान करती हैं जैसे की Bajaj Finserv .
लोन प्राप्त करने के लिए आवेदन कैसे करें ?
सबसे पहले अपनी जरुरत के हिसाब से किसी योजना जैसे कि मुद्रा योजना, स्वनिधि योजना, किसी बैंक या गैर सरकारी बैंक का चुनव करें।
ब्याज दरें और शर्तें – लोन के लिए आवेदन करने से पहले सम्बंधित बैंक की ब्याज दरें, लोन चुकाने की समयअवधि और अन्य सभी शर्तों की ठीक से जाँच जरूर क्र लें।
अपनी पात्रता जांचें – ये जरूर सुनिश्चित करें कि की आप लोन प्राप्त करने के सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं।
आवेदन
ऑफलाइन आवेदन – आप किसी बैंक या गैर-वित्तीय बैंक शाखा में जाकर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सही और पूरी जानकारी दें।
ऑनलाइन आवेदन – कई गैर-वित्तीय बैंक अपनी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करते हैं।
दस्तावेज जमा करवाने – आवेदन करने के साथ जरुरी दस्तावेज जैसे पैन कार्ड (PAN CARD), आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और व्यवसाय से सम्बंधित अन्य जानकारी जमा करें। समीक्षा – आवेदन पत्र जमा करने के बाद बाद आपके दस्तावेजों की सत्यता की जाँच की जाएगी। सभी तरह से जाँच ठीक पाए जाने के बाद आपको लोन की राशि दे दी जाएगी।






