पूरी दुनिया में आज के समय में प्रदूषण, शहरीकरण, और मानसिक तनाव के कारण लोगों में प्रकृति की तरफ लौटने की कोशिश की जा रही है। लोगों में पौधों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है जिसके कारण पौधों की मांग भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। अब लोग अपने घरों, दफ्तरों, बालकनियों और टेरेस को हरियाली से भरपूर बनाना चाहते हैं। ऐसे समय में नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरू करने का सुनहरा अवसर है। अब सवाल यह है कि
Contents
- 1 नर्सरी प्लांट (Nursery Plant) बिज़नेस है क्या ?
- 2 नर्सरी प्लांट बिज़नेस का उद्देश्य क्या है ?
- 3 नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरु करने के लिए आवश्यक योग्यता क्या है ?
- 4 नर्सरी प्लांट बिज़नेस कैसे शुरु करें ?
- 5 नर्सरी प्लांट बिज़नेस की ट्रेनिंग कहाँ से लें ?
- 6 किस प्रकार के पौधों से बिज़नेस शुरु करना चाहते हैं ?
- 7 नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरु करने के लिए कितना खर्च आएगा?
- 8 नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरु करने के लिए सरकारी मदद कैसे मिलती है ?
- 9 सब्सिडी प्राप्त करने के तरीके –
- 10 नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरु करने के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें ?
- 11 प्लांट नर्सरी कितने प्रकार की होती है ?
- 12 नर्सरी प्लांट बिज़नेस से कितनी कमाई हो सकती है ?
- 13 नर्सरी में पौधों की देखभाल कैसे करें ?
- 14 Conclusion
नर्सरी प्लांट (Nursery Plant) बिज़नेस है क्या ?
ये पौधों से सम्बंधित एक ऐसा बिज़नेस है जिसमें पौधों को उगाना, उनकी देखभाल करना और फिर उन्हें बेचने के लिए तैयार करना है। यह एक लाभकारी और कम निवेश वाला बिज़नेस है।
इसे कम जगह में भी जैसे कि घर के आंगन, छत या खाली प्लाट से भी शुरू किया जा सकता है। और सबसे अच्छी बात इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए किसी डिग्री या डिप्लोमे की जरुरत नहीं होती।
बस जरुरत होती है पेड़ -पौधों से लगाव की। अगर आपको कुदरत के समीप रहना पसंद है तो ये बिज़नेस आपके लिए ही है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस का उद्देश्य क्या है ?

नर्सरी प्लांट बिज़नेस का मुख्य उद्देश्य भिन्न – भिन्न प्रकार के अच्छी गुणवत्ता वाले पौधों (जैसे कि सजावटी फूल, फल, औषधीय गुणों वाले पौधे आदि) को तैयार करना, उनकी देखभाल करना और फिर उन्हें ग्राहकों, किसानों आदि को बेचना है।
ये बिज़नेस बागवानी को बढ़ावा देने और अच्छी कमाई के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही ये पर्यावरण सरंक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस के मुख्य उद्देश्य आगे दिए गए हैं –
पौधों का निर्माण – बीज, कलम या टिश्यू कल्चर के माध्यम से नए पौधे तैयार करना।
सजावट के लिए पौधे तैयार करना – घरों, दफ्तरों और पार्कों के लिए सजावटी पौधे उपलब्ध करवाना।
किसानों को उन्नत किस्में उपलब्ध करवाना – किसानों को अच्छी किस्म के फल और सब्जियों के पौधे यहां से मिल जाते हैं।
पर्यावरण सरंक्षण – पर्यावरण सरंक्षण के उद्देश्यों की पूर्ती करने के लिए पौधे उपलब्ध करवाना।
स्वरोजगार – ग्रामीण युवाओं को रोजगार का एक अच्छा अवसर मिलता है।
सबकुछ एक ही जगह पर मिलना – ग्राहकों को एक ही जगह पर पौधे, गमले, खाद और बाकी के बागवानी से सम्बंधित उपकरण एक ही जगह से जाते हैं।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरु करने के लिए आवश्यक योग्यता क्या है ?
- इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको विभिन्न प्रकार के पौधों, उनकी प्रजातियों और देखभाल से सम्बंधित जानकारी होनी चाहिए।
- इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपके पास निवेश करने के लिए जरुरी साधन होने चाहिए।
- इस बिज़नेस को करने के लिए आपके पास समय होना चाहिए।
- आपको बिज़नेस करने का अनुभव होना चाहिए।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस कैसे शुरु करें ?

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको कई चीजों की तैयारी करनी होगी जैसे कि –
जगह का इंतज़ाम – प्लांट नर्सरी को शुरू करने के लिए जगह का चयन करें। ये जगह आपके घर का आंगन, छत या खाली प्लाट भी हो सकती है। जगह कम से कम 10000 – 20000 वर्गफीट जरूर हो। जमीन पर सूर्य की रौशनी अच्छी हो और पानी का प्रबंध अच्छा हो।
बिज़नेस प्लान और लाइसेंस – पहले एक अच्छा बिज़नेस प्लान बनाएं और अपने क्षेत्र के कृषि विभाग से संपर्क करें। कृषि विभाग प्लांट नर्सरी के लिए काफी अच्छी सब्सिडी देता है। लाइसेंस के लिए स्थानीय कृषि विभाग से जरुरी लाइसेंस और अनुमति लेना जरुरी है।
जरुरी सामग्री – प्लांट नर्सरी के लिए बीज, कलमें (cutting) , उपजाऊ मिट्टी, खाद (vermicompost), गमले, पॉलिएस्टर बैग, नेट हाउस (net / shed) आदि का इंतज़ाम करें।
पौधों की किस्में – इस बिज़नेस की शुरुआत में सजावटी पौधे, इनडोर प्लांट्स, फलों के पौधे और मौसमी फूलों के पौधों तैयार करें क्यूंकि शुरुआत में इनकी मांग ज्यादा रहती है।
मार्केटिंग (Marketing) – इस बिज़नेस की मार्केटिंग के लिए लोकल बागवानों, फेसबुक ग्रुप्स (Facebook Groups) , व्हाट्सएप ग्रुप्स (WhatsApp Groups) और सोशल मीडिया की मदद ली जा सकती है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस की ट्रेनिंग कहाँ से लें ?

वैसे तो इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए किसी खास ट्रेनिंग की जरुरत नहीं होती लेकिन अगर आप किसी स्थानीय सफल नुर्सेय में कुछ समय तक काम करेंगे तो आपको इस बिज़नेस को चलाने का अच्छा अनुभव मिल जाएगा जो आगे चलकर आपके बहुत काम आएगा।
लेकिन अगर आप इस बिज़नेस को थोड़ा बड़े लेवल पर शुरू करना चाहते हैं तो आपको आगे दिए गए कुछ संस्थानों से ट्रेनिंग मिल सकती है जो इस बिज़नेस को सफल बनाने के लिए जौरी भी है –
सरकारी संस्थान – ट्रेनिंग के लिए अपने एरिया के जिला उद्यान अफसर (District Horticulture Officer) से संपर्क करें।
यहाँ से आपको ट्रेनिंग के साथ-साथ सरकार से मिलने वाली सब्सिडी जैसे राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन की जानकारी भी मिल सकती है।
कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) – यहां पर समय – समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं जिसमें नर्सरी की तैयारी, बीज तकनीक, ग्राफ्टिंग और पौधों की देखभाल से सम्बंधित ट्रेनिंग दी जाती है। आप इन कार्यकर्मों का हिस्सा बनकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विश्वविद्यालय (Agriculture University) – देश के कई प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय नर्सरी प्लांट बिज़नेस के बारे में ट्रेनिंग देने के लिए छोटे -छोटे कोर्स (Short Term) चलाते हैं। इन कोर्सों को जरूर कर लेना चाहिए।
ऑनलाइन स्टडी – यूट्यूब (YouTube) पर भी कई तरह के ट्रेनिंग वीडियो आपको मिल जाएंगे। इन वीडियो में सफल नर्सरी बिज़नेस की केस स्टडी और ग्राफ्टिंग (कलम) तकनीक को दिखाया जाता है।
किस प्रकार के पौधों से बिज़नेस शुरु करना चाहते हैं ?
जब आप नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरू करने जा रहे हैं तो ये बात बहुत जरुरी है कि आप किस तरह के पौधों से व्यवसाय करना चाहते हैं। पौधे कई प्रकार के होते हैं जैसे कि –
इनडोर और सजावटी पौधे – इसमें स्नेक प्लांट (Snake Plant), जेड प्लांट, मनी प्लांट, और पीस लिली आदि सजावटी पौधे आते हैं। इन पौधों की मांग घरों और दफ्तरों में सबसे ज्यादा होती है क्यूंकि ये काम रौशनी और कम धुप में भी जीवित रहते हैं।
फूलों के पौधे – इसमें गुलाब, गेंदा, गुड़हल, चमेली आदि पौधे आते हैं। कई पौधे मौसमी तो कई बारहमासी होते हैं। इनकी मांग हमेशा बनी रहती है। घरों और बगीचों के लिए इनकी काफी मांग रहती है।
फलदार पौधे – इसमें आम, अमरुद, नींबू , अनार, आदि पौधे आते हैं। शुरू में इन पौधों से बिज़नेस शुरू करना लाभदायक होता है क्यूंकि इन पौधों की मांग हर जगह होती है। बागवानों द्वारा तो इन्हें बड़ी संख्या में खरीदा जाता है।
औषधीय पौधे – इसमें तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, अश्वगंधा आदि पौधे आते हैं। आज के समय में इन पौधों की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है।
सब्जियों के पौधे – इनकी मांग साल के बारह महीने बनी रहती है। किचेन गार्डन के लिए काफी डिमांड रहती है। इनसे बिज़नेस शुरू करना लाभदायक सौदा साबित होगा।
सक्युलेट्स और कैक्टस – इन पौधों को पानी की बहुत कम जरुरत होती है। युवा लोगों के बीच इन पौधों अच्छी – खासी मांग बनी रहती है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरु करने के लिए कितना खर्च आएगा?
अगर आप इस बिज़नेस को छोटे स्तर पर घर से शुरू करना चाहते हैं तो शुरुआती लागत रु 5,000 से रु 15,000 तक आ सकती है क्यूंकि इसमें जमीन के लिए कोई किराया नहीं देना होता और पानी की जरूरतें भी घर से ही पूरी हो जाती हैं।
आपको सिर्फ बीजों, मिट्टी, खाद, पॉलीबैग और छोटे पौधों आदि पर ही खर्च करना होगा। वहीँ अगर आप इस बिज़नेस को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो आपका खर्च रु 1 लाख से रु 5 लाख तक आ सकता है। इसको आगे दिए अनुसार समझ सकते हैं –
ज़मीन – इस बिज़नेस में ज़मीन की जरुरत होती है। अगर ज़मीन आपकी है तो बच जायेगा। अगर किराए पर ले रहे हैं तो लीज़ का खर्च आएगा।
मिट्टी – पौधों को उगाने के लिए केवल प्लेन मिट्टी नहीं चाहिए होती। इसको मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए इसमें रेत, खाद आदि चीजें भी मिलनी पड़ती हैं। उपजाऊ मिट्टी में ही अच्छे पौधे तैयार हो सकते हैं।
उपकरण (Infrastructure) – इस बिज़नेस में पौधों को पानी देना, उनकी कटाई छंटाई करना आदि की रोजाना जरुरत होती है। इन कामों को आसान बनाने के लिए कुछ औजारों और मशीनों की जरुरत होती है। आप अपनी जरूरतों के हिसाब से ये सब खरीद सकते हैं। इसके अलावा आपको नेट हाउस, पॉलीहॉउस, फेंसिंग आदि की भी जरुरत होगी। इन सब पर रु 1 लाख से रु 3 लाख तक खर्च आएगा।
पौधे और बीज – शुरुआत के स्टॉक के लिए रु 20,000 से रु 50,000 तक का खर्च आ सकता है।
खाद और अन्य उपकरण – पौधों को सेहतमंद तरीके से उगाने के लिए खाद की जरुरत होती है और साथ ही उन्हें बिमारियों से बचाने के लिए कीटनाशकों की भी जरुरत होती है इसके अलावा गमले, मिट्टी और सिंचाई प्रणाली (Drip Irrigation) आदि पर रु 35,000 से रु 70,000 तक का खर्च आ सकता है।
लाइसेंस शुल्क – नर्सरी प्लांट बिज़नेस को स्थानीय कृषि विभाग या नगर निगम से रजिस्टर करवाने के लिए मामूली फीस देनी होती है। इसमें कुछ खास खर्च नहीं होता।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरु करने के लिए सरकारी मदद कैसे मिलती है ?
सरकार की तरफ से बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारी योजनाएँ चलाई जाती हैं और अच्छी खासी सब्सिडी भी दी जाती है। सब्सिडी की मात्रा बिज़नेस के आकार पर निर्भर करती है।
वैसे नर्सरी प्लांट बिज़नेस शुरू करने के लिए 50% से 60% तक की सब्सिडी और आर्थिक सहायता भी दी जाती है। अगर आपकी नर्सरी की लागत रु 5 लाख तक है तो आपको रु 2,50,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है।
इस सब्सिडी को सीधे बैंक खातों में भेजा जाता है। सब्सिडी की राशि दो किश्तों में भेजी जाती है। पहली किश्त में राशि का 60% दिया जाता है और बाकी का 40% दूसरी किश्त में।
सब्सिडी प्राप्त करने के तरीके –
कृषि लाइसेंस – आपके पास प्लांट नर्सरी को शुरू करने के लिए स्थानीय कृषि विभाग या नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना जरुरी है।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट – नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपके पास एक अच्छी व्यवसायिक योजना (Business Plan) तैयार होना चाहिए। इसमें लागत और लाभ का अनुमानित ब्यौरा दिया गया हो।
ट्रेनिंग – अगर आप नर्सरी प्लांट बिज़नेस के लिए स्थानीय कृषि केंद्रों द्वारा चलाये गए ट्रेनिंग प्रोग्रामों का हिस्सा बनते हैं तो आपके लिए ये प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस को शुरु करने के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें ?
लाइसेंस प्राप्त करने के लिए राज्य के कृषि विभाग से नर्सरी लाइसेंस लेना जरुरी है। लाइसेंस प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल (National Nursery Portal) पर या स्थानीय बागवानी विभाग में आवेदन कर सकते हैं।
लाइसेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया आगे दी गई है –
बिज़नेस योजना और जगह का चुनाव
प्लांट नर्सरी को शुरू करने के लिए जगह का चुनाव करें। ये जगह आपकी खुद की या किराए की भी हो सकती है।
दस्तावेज
लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आपके पास आगे दिए गए प्रकार के सभी दस्तावेज तैयार होने चाहिए –
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जमीन के दस्तावेज (ज़मीन के कागज, जगह अगर किराए की है तो लीज़ एग्रीमेंट)
- नर्सरी प्लांट का नक्शा (Sketch Map)
आवेदन करने का तरीका
ऑनलाइन (Online) – राष्ट्रीय नर्सरी पोर्टल (NNP) के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
ऑफलाइन (Offline) – ऑफलाइन आवेदन करने के लिए स्थानीय कृषि विभाग दफ्तर में जाना होगा।
जाँच पड़ताल (Inspection)
जब आप आवेदन करेंगे तो कृषि विभाग के अधिकारी आपके आवेदन की सत्यता पता करने के लिए आपकी साइट पर आएंगे।
फीस और रजिस्ट्रेशन
जब आपके आवेदन को स्वीकार कर लिया जाएगा तो आपको निर्धारित फीस जमा करनी होगी। इसके बाद आपको लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा।
प्लांट नर्सरी कितने प्रकार की होती है ?
प्लांट नर्सरी के उदेश्य और समय के आधार पर कई प्रकार होते हैं। इनका आकार 1 एकड़ से लेकर 1 हेक्टेयर तक हो सकता है। लेकिन मुख्य रूप से इसके प्रकार आगे दिए अनुसार होते हैं –
रिटेल नर्सरी (Retail Nursery) – यहां से सीधे ग्राहकों को पौधे बेचे जाते हैं। चाहे कोई एक पौधा ले या ज्यादा। यहां से घरों और गार्डन के लिए पौधों के साथ – साथ गमले और खाद भी मिल जाती है।
थोक नर्सरी (Wholesale Nursery) – यहां पर बड़े पैमाने पर पौधे उगाए जाते हैं। यहां से छोटे दूकानदार, सरकारी विभागों आदि को थोक के भाव से पौधे बेचे जाते हैं।
उत्पादक नर्सरी (Production Nursery) – यहां पर मुख्य रूप से बीजों या कटिंग से नए पौधे तैयार किये जाते हैं। इन पौधों को बड़ा करने के लिए इन्हें बाद में दूसरी नर्सरियों को बेच दिया जाता है।
लैंडस्केप नर्सरी (Landscape Nursery) – यहां पर बड़े पौधों और पेड़ों को तैयार किया जाता है। इन पौधों का इस्तेमाल बागवानी डिज़ाइन और लैंडस्केपिंग में इस्तेमाल होता है।
निजी नर्सरी (Private Nursery) – इस तरह की नर्सरी बड़े संस्थानों, बगीचों आदि द्वारा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की जाती है।
आर्डर या ऑनलाइन नर्सरी (Order / Online Nursery) – यहां पर इंटरनेट के माध्यम से मिले पौधों के आर्डर की बुकिंग की जाती है। आर्डर मिलने के बाद इन पौधों को सुरक्षित रूप से अच्छे से पैक करके ग्राहकों तक पहुँचाया जाता है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस से कितनी कमाई हो सकती है ?
एक नर्सरी प्लांट बिज़नेस में कमाई का आंकड़ा इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितना निवेश किया है, जमीन उपजाऊ है या नहीं, पौधों की कितनी वैरायटी है आदि।
अगर आप इन सब चीजों का सही से प्रबंधन करते हैं तो अनुमानित आप 30% से 40% तक का मार्जिन निकाल सकते हैं। एक छोटे स्तर की नर्सरी से हर महीने रु 30,000 से रु 50,000 तक की कमाई हो सकती है।
नर्सरी प्लांट बिज़नेस से होने वाली कमाई को आगे दिए अनुसार समझ सकते हैं –
छोटे स्तर की नर्सरी – अगर आप बिज़नेस को घर से या छोटे स्तर से शुरू करते हैं तो आप हर महीने 800 से 1000 तक पौधे बेच सकते हैं। इनसे आपको अनुमानित कमाई हर महीने रु 50,000 से रु 1,00,000 तक हो सकती है।
कमर्शियल नर्सरी – एक एकड़ में लगभग 8 लाख से 10 लाख तक पौधे तैयार किये जा सकते हैं। हर एक पौधों का बैच 1 से 2 महीने में बेचा जा सकता है।
इससे हर महीने 2 लाख से 3 लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाया जा सकता है। अच्छी मार्केटिंग से सालाना 12 लाख से 15 लाख तक कमाई की जा सकती है।
मुनाफा – इस बिज़नेस में शुद्ध लाभ मार्जिन काफी ज्यादा होता है। आम तौर पर रु 5 -10 में एक पौधा तैयार हो जाता है और ये रु 50 से रु 200 तक में बिकता है।
कुछ सजावटी या विदेशी नसल के पौधों से ये मार्जिन ज्यादा भी हो सकता है।
कमाई के अन्य स्रोत – इस बिज़नेस में कमाई सिर्फ पौधों से ही नहीं होती है। पौधों के साथ – साथ गमलों, जैविक खाद, बीज आदि को बेचकर अतिरिक्त कमाई की जा सकती है।
नर्सरी में पौधों की देखभाल कैसे करें ?

जितना जरुरी पौधों को उगना है, उतना ही जरुरी उनकी सही तरीके से देखभाल करना है। पौधों को सही समय पर पानी देना, कीड़ों से बचाने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करना और समय समय पर उन्हें धुप छाँव में भी रखना जरुरी है।
स्वस्थ और अच्छे पौधे ही बाजार में बिकते हैं। इससे मुनाफे में भी बढ़ोतरी होती है। पौधों की देखभाल करने के कुछ टिप्स आगे दिए गए हैं।
पानी का प्रबंध (Water Management)
- समय पर सिंचाई – पौधों को हमेशा सुबह और शाम को ही पानी दें। हो सके तो ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) का उपयोग करें ताकि पानी सीधा पौधों की जड़ों तक पहुंचे। इससे पानी की भी बचत होती है।
- नमी की जाँच करें – पौधों को न तो सूखा छोड़ें और न ही जरुरत से ज्यादा पानी दें। जब मिट्टी की ऊपर की परत सूख जाए, तब ही पानी दें।
खाद (Fertilizer)
- मिट्टी की उत्पादक शक्ति बढ़ाने के लिए वर्मीकम्पोस्ट (Vermicompost) और देसी खाद का उपयोग करें।
- नर्सरी के पौधों को तेज़ी से बढ़ाने के लिए संतुलित मात्रा में खाद का उपयोग करें।
कीटनाशक (Pest Control)
- पौधों को बिमारियों से बचाने के लिए जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें। आप नीम के तेल का भी छिड़काव कर सकते हैं।
- पौधों को फंगल इन्फेक्शन से बचाने के लिए जल निकास प्रणाली को अच्छे से सेट करें।
कटाई – छँटाई
- पौधों की पीली पत्तियों को समय -समय पर हटाते रहें।
- अगर पौधे के लिए गमला छोटा पड रहा हो तो उसे बड़े गमले में शिफ्ट कर दें।
उचित छाया का इंतज़ाम
- नाजुक पौधों के लिए हरी जाली (Green Net) का उपयोग करें ताकि पौधे ज्यादा धुप से बचे रहें।
- पौधों को धुप की जरुरत के अनुसार अलग – अलग रखें।
Conclusion
नर्सरी प्लांट बिज़नेस सिर्फ एक कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि यह प्रकृति से जुड़कर एक स्थायी और सम्मानजनक व्यवसाय बनाने का अवसर है। आज जब लोग हरियाली, शुद्ध हवा और मानसिक सुकून की तलाश में हैं, तब पौधों की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि यह बिज़नेस आने वाले समय में और भी ज़्यादा मजबूत होने वाला है।
इस आर्टिकल में आपने जाना कि नर्सरी प्लांट बिज़नेस क्या है, इसे कैसे शुरू किया जा सकता है, कितना निवेश लगता है, सरकारी मदद कैसे मिलती है और इससे कितनी कमाई संभव है। साफ शब्दों में कहें तो अगर आपके अंदर धैर्य है, पौधों से लगाव है और सीखने की इच्छा है, तो यह बिज़नेस छोटे स्तर से शुरू होकर बड़े स्तर तक जा सकता है।
शुरुआत भले ही छोटी हो, लेकिन सही देखभाल, अच्छी योजना और ईमानदार मेहनत के साथ नर्सरी प्लांट बिज़नेस आपको आत्मनिर्भर बना सकता है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी आपका योगदान सुनिश्चित करता है। अब फैसला आपके हाथ में है, क्या आप सिर्फ पढ़कर रुकेंगे या इस हरित अवसर को हकीकत में बदलेंगे।






