आज के समय में हर कोई नौकरी की बजाय अपना बिज़नेस करना चाहता है क्यूंकि जरूरतें बढ़ गई हैं तो उन्हें पूरा करने के लिए सिर्फ नौकरी से गुजारा करना कई बार मुश्किल जाता है।
तो ऐसे में क्यों न कोई ऐसा बिज़नेस किया जाए जिससे आपकी सारी जरूरतें पूरी हो जाएँ। इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही बिज़नेस के बारे में बता रहे हैं जिसकी जरुरत हर घर में होती है और हमेशा ही रहती है।
पिछले कुछ सालों से सुंदरता और निज्जी देखभाल का बाज़ार तेजी से बढ़ रहा है। बाजार में रोज सुंदरता से सम्बंधित नए उत्पाद लांच किये हैं। इनमें एक नाम साबुन का भी है, चाहे वो नहाने का साबुन हो, कपडे धोने का साबुन हो या फिर बर्तन धोने का।
इनका उपयोग हर रोज होता है इसलिए इनकी मांग भी बाजार में हमेशा बनी रहती है। ये एक ऐसा बिज़नेस है जो कभी घाटे में नहीं जाता बशर्ते के साबुन की क्वालिटी अच्छी हो।
Contents
- 1 तय करें कि किस तरह का साबुन बनाना है ?
- 2 साबुन बनाने के बिज़नेस के लिए पैसे कहाँ से लाएं और सरकारी सब्सिडी कैसे मिलती है?
- 3 साबुन बनाने के बिज़नेस के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें ?
- 4 साबुन बनाने के बिज़नेस में कितना मुनाफा कमाया जा सकता है ?
- 5 साबुन के बिज़नेस की मार्केटिंग कैसे करें ?
- 6 साबुन के बिज़नेस में मुनाफा बढ़ाने के कुछ तरीके
- 7 Conclusion
तय करें कि किस तरह का साबुन बनाना है ?
साबुन कई प्रकार के होते हैं .नहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन या हर्बल साबुन आदि। शुरू करने से पहले बिज़नेस प्लान बनाएं और उसमे लिखें कि आपको नीचे दिए कुछ प्रकारों में से कौन से साबुन का बिज़नेस शुरू करना है।
साबुनों के प्रकार दिए गए हैं –
हर्बल या मॉइस्चराइज़िंग साबुन – अगर स्किन केयर के लिए साबुन बनाना चाहते हैं तो ग्लिसरीन या सोप बेस का उपयोग कर सकते हैं। आप इसमें हर्बल पाउडर (जैसे कि नीम, हल्दी, चंदन), एसेंशिअल आयल या सुखाए हुए फूल डाल सकते हैं।
नेचुरल या शुद्ध साबुन (Cold Press) – इसमें कास्टिक सोडा और तेल (जैतून, नारियल, बादाम तेल) आदि का उपयोग होता है। ये साबुन ज्यादा समय तक चलता है और स्किन के लिए भी बहुत अच्छा होता है।
कपड़े धोने का साबुन – इस साबुन में ज्यादा मात्रा में वसा (Fat) या तेल और साथ में हाइड्रोऑक्साइड का उपयोग होता है। ये साबुन गहराई से सफाई करता है।
साबुन बनाने की विधि चुनें
बिज़नेस शुरू से पहले साबुन बनाने की सीधी का चुनाव करना भी जरुरी है ताकि उसी हिसाब से कच्चा माल और मशीनें खरीदी जा सकें। आगे कुछ बनाने की विधियां बताई गई हैं।-
मेल्ट एंड पोर विधि (Melt and Pour) – बिज़नेस की शुरुआत करने के लिए ये तरीका सबसे अच्छा और आसान है। इसमें बने- बनाए ‘सोप बेस’ को पिघलाकर उसमें रंग और खुशबू को मिलाना होता है।
कोल्ड प्रोसेस विधि (Cold Process) – अगर आप हर्बल साबुन बनाना चाहते हैं तो ये तरीका सबसे अच्छा है। इसमें तेल और कास्टिक सोडा से साबुन बनाया जाता है। लेकिन इस साबुन को बनाने के लिए के लिए 4-6 हफ्ते तक का समय सूखने (Curing
Time) के लिए देना होता है।
हॉट प्रोसेस (Hot Process) – ये विधि कोल्ड प्रोसेस ही है लेकिन इसमें साबुन बनाने के लिए तैयार किए मिश्रण को पकाया जाता है। इस प्रक्रिया से साबुन तुरंत उपयोग के लिए तैयार हो जाता है।
साबुन बनाने के बिज़नेस के लिए पैसे कहाँ से लाएं और सरकारी सब्सिडी कैसे मिलती है?
बिज़नेस को शुरू करने के लिए सबसे जो जरुरी होता है वो होता है फंडिंग। आप इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए खुद की सेविंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने परिवार या मित्रों से पैसे उधार ले सकते हैं, आप बैंक या NBFCs से लोन ले सकते हैं।
इसके अलावा बिज़नेस को शुरु करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कई तरह की योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से कुल लागत की 15% से 35% तक की सब्सिडी मिलती है।
इनके माध्यम से रु 50 लाख तक का लोन मिल सकता है। ऐसी ही एक योजना का नाम है प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister‘s Employment Generation Programme (PMEGP)) है। यह छोटे, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा चलाई जा रही भारत सरकार की एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना है।
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्योग -धंधे शुरु करके रोजगार पैदा करने की पहल की जाती है। यह योजना सब्सिडी प्राप्त करने का मुख्य साधन है।
PMEGP योजना की मुख्य विशेषताएँ
सब्सिडी की मात्रा – ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य वर्ग के लिए 25% सब्सिडी दी जाती है और विशेष वर्ग (महिला, SC/ST, OBC, दिव्यांग) के लिए 35% तक की सब्सिडी दी जाती है। जबकि शहरी क्षेत्रों में सब्सिडी की मात्रा 15% से 25% तक है।
लोन की सीमा – अगर आप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको रु 50 लाख तक का लोन भी मिल सकता है।
आवेदन – इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको KVIC Online Portal पर ऑनलाइन आवेदन हैं।
इसके अलावा लघु उद्योगों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही है। अगर आपका बिज़नेस छोटे स्तर पर है जैसे कि रु 10 लाख से शुरु है तो ये योजना आपके लिए बहुत सही है।
प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की मुख्य विशेषताएँ
लोन के प्रकार – प्रधान मंत्री मुद्रा योजना में शिशु लोन रु 50,000 तक, किशोर लोन रु 50,000 से रु 5 लाख तक, तरुण लोन रु 5 लाख से रु 10 लाख तक उपलब्ध है।
विशेष गुण – इस लोन को प्राप्त करने के लिए किसी भारी गरंटी की जरूरत नहीं होती। सबसे अच्छी बात आपके बिज़नेस के प्रोजेक्ट की 80% लागत सब्सिडी से ही कवर हो जाती है।
बिज़नेस शुरू करने के लिए आप पैसे कहाँ से ला सकते हैं ये जानने के लिए आप हमारा आर्टिकल बिज़नेस शुरू करने के लिए पैसे कहाँ से लाएं आर्टिकल को पढ़ सकते हैं।
साबुन बनाने के बिज़नेस के लिए लाइसेंस कैसे प्राप्त करें ?
हमारे देश में किसी भी बिज़नेस को शुरू करने के लिए लाइसेंस लेना और रजिस्ट्रेशन करवाना जरुरी होता है। इसी तरह से साबुन के शुरु करने के लिए कई तरह के लाइसेंस की जरुरत होती है।
साबुन बनाने का बिज़नेस एक सौंदर्य उत्पादों में आता है इसलिए ‘Drug and Cosmetic Act’ लाइसेंस लेना जरुरी हो जाता है। आगे ये सभी तरह के लाइसेंस की जानकारी दी गई है।
कॉस्मेटिक मैनुफक्चरिंग लाइसेंस (Cosmetic Manufacturing License)
साबुन बनाने के बिज़नेस के लिए ये लाइसेंस सबसे जरुरी है। इसके बिना साबुन बनाना और बेचना, दोनों काम गैरकानूनी हैं।
- Authority – इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए अपने राज्य के State Drug Control Authority (SDCA) या FDA कार्यालय में जाकर आवेदन करना होता है।
- आवेदन – इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए Form 31 पर आवेदन करना होता है। इसके बाद आपको Form 32 के तहत ये बिज़नेस शुरु करने का लाइसेंस मिलता है।
- आवेदन – अगर कोई साबुन बनाने की फैक्ट्री खोलना चाहता है तो उसके पास केमिस्ट्री के साथ ग्रेजुएशन / डिप्लोमा या फार्मेसी की डिग्री होनी चाहिए।
एमएसएमई या उद्यम रजिस्ट्रेशन (MSME / Udyam Registration)
छोटे स्तर के बिज़नेस के लिए यह रजिस्ट्रेशन बहुत जरुरी है।
- लाभ – इस लाइसेंस को प्राप्त करने के बाद बिज़नेस के लिए लोन लेने में आसानी रहती है। जैसे कि PMEGP योजना का लाभ उठाया जा सकता है। इसके इसके माध्यम से आपको सरकारी सब्सिडी और साथ में और भी व्यापारिक लाभ मिल सकते हैं।
- आवेदन करने का तरीका – इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए आप सरकारी Udyam Registration Portal पर जाकर आधार कार्ड के माध्यम से फ्री में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन
- अगर आपके बिज़नेस का सालाना टर्नओवर रु 40 लाख और विशेष राज्यों में रु 10 लाख से रु 20 लाख से ज्यादा हो आपके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना जरुरी शर्त है।
- जीएसटी नंबर के बिना आप बड़े स्तर पर तैयार माल की बिक्री या ई – कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Flipkart, Amazon) पर भी कोई बिक्री नहीं कर पाएँगे।
कुछ और लोकल परमिट
- ट्रेड लाइसेंस (Trade License) – ये लाइसेंस आपको अपने स्थानीय नगर निगम से लेना होता है।
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (NOC) – क्यूंकि साबुन बनाने में कुछ रसायनों का भी उपयोग होता है, तो इसके लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (NOC) लेने की जरुरत होती है।
साबुन बनाने के बिज़नेस में कितना मुनाफा कमाया जा सकता है ?
ये बिज़नेस एक अच्छा मुनाफे का बिज़नेस है क्यूंकि साबुन एक ऐसी वास्तु है जिसका उपयोग दैनिक जीवन में रोज होता है। इस बिज़नेस से होने वाला मुनाफा इस बात पर निर्भर करता है कि किस प्रकार के साबुन का बिज़नेस कर रहे हैं आपकी कॉस्टिंग और प्राइसिंग स्ट्रेटेजी कैसे है। मुनाफे के गणित को आगे दिए अनुसार समझ सकते हैं –
मुनाफे का मार्जिन – आमतौर पर सामान्य साबुन बिज़नेस में मुनाफा 10% से 25% के बीच में होता है। जबकि हैंडमेड या हर्बल साबुन के बिज़नेस में ये मुनाफा 30% से 80% तक या इससे भी ज्यादा हो सकता है।
कमाई – अगर आपका बिज़नेस छोटे स्तर पर है और आपने रु 1 लाख से रु 3 लाख तक का निवेश किया है तो आप हर महीने रु 30,000 से रु 80,000 तक कमा सकते है।
अगर आपने मध्यम स्तर पर बिज़नेस किया है और निवेश रु 5 लाख से रु 10 लाख तक का किया है तो आप हर महीने रु 1 लाख से रु 2 लाख तक कमा सकते हैं।
साबुन के बिज़नेस की मार्केटिंग कैसे करें ?
साबुन के बिज़नेस की मार्केटिंग करने के लिए आप ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीके अपना सकते हैं। आज के समय में बाज़ार में हर्बल और केमिकल फ्री साबुन की अच्छी खासी डिमांड है। इस चीज का फायदा आप मार्केटिंग करने में उठा सकते हैं। बिज़नेस की मार्केटिंग करने के कुछ तरीके आगे दिए गए हैं।
आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग
- खास पहचान – पहले ये तय करें कि आपका उत्पाद ‘लग्जरी’, ‘आयुर्वेदिक’ या ‘किफायती’, किस प्रकार में आता है। उसी प्रकार के आधार पर अपने उत्पाद के लिए लोगो (Logo) और रंग चुनें।
- सही जानकारी – अपने साबुन बनाने में किन सामग्रियों (Ingredients) का उपयोग किया है, ये सारी जानकारी सही से साबुन के पैक पर लिखी होनी चाहिए।
- ईको फ्रेंडली पैकेजिंग – हो सके तो अपने प्रोडक्ट को नेचुरल तरीके से पैक करें जैसे कि आप पेपर रैप या जूट बैग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ऑफलाइन और लोकल मार्किट
- सैंपलिंग – शुरआत में छोटे सैंपल पीस बाँटे ताकि लोग इस्तेमाल करके इसके गुणों को देख सकें।
- B2B पार्टनरशिप – आप इस तरीके को अपना सकते हैं। अपने उत्पाद को स्थानीय होटलों, अस्पतालों, उपहार की दुकानों, ब्यूटी सैलून्स आदि में सप्लाई करने की बात कर सकते हैं।
- लोकल मेले और प्रदर्शनियाँ – आप स्थानीय उत्सवों, मेलों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद के स्टाल लगा सकते हैं ताकि ग्राहक आपसे सीधे तौर पर माल खरीद सकें।
- रेफरल डिस्काउंट दें – आप पुराने ग्राहकों को और नए ग्राहक लाने पर कुछ डिस्काउंट या छोटे छोटे उपहार दे सकते हैं।
आप अपना खुद का स्टोर या कॉस्मेटिक शॉप खोलकर भी अपने बिज़नेस की मार्केटिंग कर सकते हैं। इससे आपके कस्टमर को टेस्ट करने के लिए सैंपल भी मिल जाएगा और आपके बिज़नेस की वर्ड ऑफ़ माउथ माध्यम से मार्केटिंग भी हो जायेगी।
डिजिटल और सोशल मीडिया के द्वारा द्वारा मार्केटिंग
- ई – कॉमर्स प्लेटफॉर्म – अपने प्रोडक्ट की एक आकर्षक वेबसाइट बनाएँ और अपने उत्पाद को ‘Amazon India’ और ‘Flipkart’ जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोडक्ट को लिस्ट करें।
- इंस्टाग्राम (Instagram) और फेसबुक (Facebook) – सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट बनाएं और अपने उत्पाद की आकर्षक तस्वीरें और वीडियो इन पर डालें। आप अपनी फैक्ट्री में साबुन बनाने की प्रक्रिया के छोटे वीडियो भी बनाकर डाल सकते हैं ताकि ग्राहकों का आपके उत्पाद पर भरोसा बने।
- स्थानीय ग्रुप – सोशल मीडिया जैसे कि Facebook और Whatsapp पर अपने इलाके के या शहर के ग्रुप्स को ज्वाइन करके, वहाँ पर भी आप अपने उत्पादों का प्रचार कर सकते हैं।
- Google Ads – आप अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ाने के लिए और अपने प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए गूगल पर विज्ञापन चला सकते हैं।
साबुन के बिज़नेस में मुनाफा बढ़ाने के कुछ तरीके
कच्चे माल की लागत को कम करके
- थोक में खरीदारी – साबुन को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे कि तेल, सुगंध, कास्टिक सोडा आदि को थोक पर बल्क में खरीद लें। थोक के भाव पर बड़ी मात्रा में माल खरीदने पर 30% से 40% तक लागत कम हो जाती है।
- किफायती तेलों का उपयोग – आप महंगे तेलों के साथ कुछ सस्ते विकल्प भी सही अनुपात में मिला सकते हैं।
- वेस्टेज (Wastage) को कम करना – फैक्ट्री में माल तैयार करते समय जो वेस्टेज निकलती है , उसे कुछ हद तक कम करके सालाना कुछ बचत हो सकती है।
मार्केटिंग और पैकेजिंग स्ट्रेटेजी
- किफायती पैकेजिंग – आप उत्पादों को पैक करने के लिए महंगे डिब्बों की बजाय ग्लासलाइन बैग या पेपर बैंड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पैकेजिंग लागत काफी कम हो जाएगी।
- ऑनलाइन तरीका – आप अपने बिज़नेस के लिए एक E – commerce Website बनाएँ और सोशल मीडिया जैसे कि Facebook और Instagram पर अपने उत्पादों का प्रचार कर सकते हैं।
मशीनरी
- मशीनीकरण – अगर आपका बिज़नेस बड़े स्तर पर है तो आपको सेमी – ऑटोमैटिक मशीनों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकी उत्पादन की गति बढ़ाई जा सके। इससे मैनपावर की भी बचत होगी।
- साँचे ( Block Molds) – आप साबुन बनाने के बड़े सांचों का उपयोग कर सकते हैं जिससे एक बार में ज्यादा साबुन तैयार हो जाएँ। इससे समय की भी बचत होगी और साथ में वेस्टेज भी कम होगी।
वर्कशॉप
- आप साबुन बनाने के लिए वर्कशॉप लगा सकते हैं। इसमें आप साबुन बनाने की ट्रेनिंग के कैंप लगा सकते हैं। साथ में आपके उत्पाद की बिक्री भी हो जाएगी। यहां पर आप अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं।
Conclusion
साबुन का बिज़नेस आज के समय में बहुत अच्छा और भरोसेमंद विकल्प है, क्योंकि यह रोजमर्रा की जरूरतों पर आधारित है और इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। आप हर्बल, कोल्ड प्रेस या कपड़े धोने वाले साबुन में से अपने अनुसार चुनाव कर सकते हैं और इस बिज़नेस को शुरू कर सकते हैं।
बिज़नेस को शुरू करने के लिए अगर लोन लेना हो तो सरकार की PMEGP और मुद्रा योजना जैसी योजनाओं से आसान लोन और सब्सिडी मिल जाती है, जिससे निवेश कम और आसान हो जाता है। लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और जीएसटी के नियमों का पालन करना जरूरी है।
साथ ही, अपने साबुन की पैकेजिंग आकर्षक रखें, सोशल मीडिया और लोकल मार्केटिंग के जरिए ग्राहकों तक पहुंचें। मेहनत, सही योजना और गुणवत्ता के साथ यह बिज़नेस छोटा या बड़ा, दोनों स्तर पर अच्छी कमाई दे सकता है और लंबे समय तक सफल रहता है।






