कुछ बिज़नेस इस प्रकार के होते हैं कि उन्हें कोई भी, कहीं से भी शुरू कर सकता है। इनको शुरू करने के लिए किसी तरह की कोई डिग्री या उच्च शिक्षा की जरुरत नहीं होती। एक गृहणी भी इन्हें घर से शुरू कर सकती है। ऐसा ही एक बिज़नेस है नमकीन बनाने का।
अगर आप खाने और खिलाने के शौकीन हैं तो ये बिज़नेस आपके लिए ही है। सबसे अच्छी बात इस बिज़नेस की ये है कि इसे आप छोटे लेवल से लेकर बड़े स्तर तक शुरू कर सकते हैं। इस बिज़नेस का आकार आपके निवेश के आकार पर निर्भर करता है।
नमकीन बनाने का बिज़नेस क्या है, इसे कैसे शुरू करें, इस बिज़नेस को शुरू करने में कितनी लागत आएगी, नमकीन बनाने की मशीनरी कहाँ से खरीदी जाएगी, ये बिज़नेस कितना लाभ देगा, ये सारे सवालों का जवाब आपको इसी आर्टिकल मिलने वाला है। नमकीन मेकिंग बिज़नेस की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
Contents
- 1 नमकीन बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें ?
- 2 भारत में नमकीन की कितनी माँग है ?
- 3 नमकीन बिज़नेस शुरू करने के लिए लाइसेंस कहाँ से मिलेगा ?
- 4 नमकीन बनाने की फैक्ट्री कैसे लगाएँ ?
- 5 नमकीन बनाने के बिज़नेस को शुरू करने में कितना खर्च आता है ?
- 6 नमकीन के बिज़नेस में कौन कौन सी मशीनों की जरुरत होती है ?
- 7 नमकीन बनाने की मशीन कहाँ से खरीदें ?
- 8 नमकीन बनाने के लिए क्या कच्चा माल चाहिए होता है ?
- 9 नमकीन बनाने का कच्चा माल कहाँ से खरीदें ?
- 10 नमकीन की पैकेजिंग कैसे करें ?
- 11 नमकीन बनाने के बिज़नेस की मार्केटिंग कैसे करें?
- 12 निष्कर्ष और आगे क्या करें
नमकीन बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें ?
इस बिज़नेस को शुरू करने से पहले आपको बिज़नेस की एक पूरी योजना बनानी होगी यानी एक बिज़नेस प्लान बनाना होगा। इस बिज़नेस को शुरू करने से पहले आप ये जरूर तय कर लें कि आपको किस तरह की नमकीन या स्नैक्स बनाने हैं।
आपको ये भी तय करना होगा कि इस बिज़नेस को छोटे लेवल से शुरू करना है या बड़े स्तर पर। क्यूंकि अगर आप ये बिज़नेस घर से या छोटे स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो आपको कच्चे माल के अलावा निवेश ज्यादा नहीं करना होगा।
लेकिन अगर आप इस बिज़नेस को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो आपको बड़ी मात्रा में कच्चे माल के अलावा बड़ी जगह की जरुरत होगी और साथ में मशीनरी की भी जरुरत होगी। इस बिज़नेस के लिए लाइसेंस भी लेना होगा।
भारत में नमकीन की कितनी माँग है ?
हमारे देश मे बदलती जीवन शैली के कारण लोगों को खाने में बहुत सारी वैरायटी चाहिए होती है। उन्हें मीठे के साथ -साथ नमकीन का स्वाद भी चाहिए होता है। मेहमानों को चाय के साथ नमकीन न परोसी जाए तो कुछ अधूरा सा लगता है।
मुँह का स्वाद बदलना हो तो नमकीन चाहिए ही चाहिए। इस लिए भारत में नमकीन की मांग बहुत ज्यादा है और ये तेज़ी से बढ़ रही है।
आंकड़ों के अनुसार भारतीय बाजार में नमकीन का बाजार साल 2025 में लगभग रु 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का रहा है। इसलिए इस बिज़नेस को करने में सफलता मिलनी तय है।
बस आपको अपने बिज़नेस में कॉस्टिंग और प्राइसिंग रणनीति का सही उपयोग करना सीखना होगा। इससे आपको पता रहेगा की आप घाटे में हैं या मुनाफे में।
इस रणनीति समझने के लिए आप हमारा कॉस्टिंग और प्राइसिंग रणनीत के ऊपर लिखा गया आर्टिकल जरूर पढ़ें।
इस बिज़नेस के अलावा आप चकली बनाने का बिज़नेस, पोला बनाने का बिज़नेस भी शुरू कर सकते हैं।
नमकीन बिज़नेस शुरू करने के लिए लाइसेंस कहाँ से मिलेगा ?
नमकीन का बिज़नेस शुरू करने के लिए लाइसेंस चाहिए होता है। ये लाइसेंस FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) से लेना होता है। इसके अलावा बिज़नेस के आकार के हिसाब से कुछ और रजिस्ट्रेशन भी करवानी होती हैं। सभी जरुरी लाइसेंस और उन्हें प्राप्त करने की जानकारी आगे दिए अनुसार है –
FSSAI (Food Safety and Standards Authority) लाइसेंस
कोई भी फ़ूड से रिलेटेड बिज़नेस हो तो ये लाइसेंस जरुरी होता है। इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए FSSAI के पोर्टल FoSCoS पोर्टल पर आवेदन करना होता है। आपके बिज़नेस के स्तर के हिसाब से ये तीन प्रकार के होते हैं –
बेसिक रजिस्ट्रेशन – अगर आपके बिज़नेस का टर्नओवर रु 12 लाख से काम है तो फीस लगभग रु 100 / साल होगी।
स्टेट लाइसेंस – अगर आपके बिज़नेस का टर्नओवर रु 12 लाख से रु 20 करोड़ तक का है तो फीस लगभग रु 2000 – 5000 प्रति साल होगी।
सेंट्रल लाइसेंस – अगर आपका बिज़नेस बड़े स्तर का है और सालाना टर्नओवर रु 20 करोड़ से ज्यादा है तो फीस लगभग रु 7500 सालाना होती है। साथ में 18 % GST भी देना होता है।
MSME / Udyam रजिस्ट्रेशन
सरकार की तरफ से किसी बिज़नेस को शुरू करने के लिए कई तरह की सरकारी योजनाएं चलाई जाती हैं। ये योजनाएं छोटे से लेकर बड़े बिज़नेस, सबके लिए होती हैं। अगर आप इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं तो Udyam Registration पोर्टल पर बिना किसी शुल्क के रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
GST रजिस्ट्रेशन
अगर आपके बिज़नेस का सालाना टर्नओवर तय सीमा से ज्यादा है तो आपका GST पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। आमतौर पर ये रु 40 लाख से ज्यादा और कुछ राज्यों में रु 20 लाख से ज्यादा के सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन करवाना जरुरी होता है।
नमकीन बनाने की फैक्ट्री कैसे लगाएँ ?

नमकीन बनाने का बिज़नेस शुरू करने से पहले ये तय करें कि आप कौन सा नमकीन (भुजिया, सेव,मिक्सचर आदि) बनाना चाहते हैं। तय करने के बाद उसी हिसाब से पूरा इंतज़ाम करना होगा।
अगर छोटे स्तर पर ये बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो शुरुआत आपने घर से करें। जब आप डिमांड के अनुसार नमकीन बनाएंगे तो स्टॉक को रखने की दिक्कत नहीं आएगी वो मार्किट में निकलता रहेगा।
यदि आप बड़े लेवल पर शुरू करना चाहते हैं तो आप कोई बड़ा हॉल किराए पर लेकर या अपनी जमीन पर हॉल बना कर शुरू कर सकते हैं।
लेकिन इससे आपके खर्च काफी बढ़ जाएंगे। इसलिए शुरुआत अपने घर या एक छोटी दूकान किराए पर लेकर शुरू करे ताकि ज्यादा खर्च भी न हो और पहले आप बिज़नेस को टेस्ट कर पाएं। जब आप नमकीन बनाने के बिज़नेस को टेस्ट कर लेते हैं, जब आपकी नमकीन मार्किट में चलने लग जाए तो आप अपने बिज़नेस को बड़ा हॉल किराए पर लेकर बिज़नेस को स्केल करे।
नमकीन बनाने के बिज़नेस को शुरू करने में कितना खर्च आता है ?

नमकीन बनाने का बिज़नेस शुरू करने से पहले ये तय करें कि आप कौन सा नमकीन (भुजिया, सेव,मिक्सचर आदि) बनाना चाहते हैं। तय करने के बाद उसी हिसाब से पूरा इंतज़ाम करना होगा। अगर छोटे स्तर पर घर से ये बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं तो तो लगभग रु 40,000 से रु 50,000 तक का अनुमानित खर्च आ जाएगा।
इसमें जगह का किराए का खर्च बच जाएगा। अगर किराए पर जगह लेनी भी हो तो 300 से 500 वर्ग फुट जगह काफी होगी। इसका किराया भी कम होगा। यहां आप एक – दो सहायकों की मदद से हाथों से भी नमकीन बनाने का काम कर सकते हैं। अगर जरूरत होगी तो कुछ मशीनरी भी खरीदी जा सकती है। इसमें आपको मशीनरी पर भी कम खर्च करना होगा।
अगर आप इस बिज़नेस को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं तो आपका अनुमानित खर्च लगभग रु 5 से रु 10 लाख तक या इससे भी अधिक का खर्च आ जाएगा। आपको सबसे पहले किराए की जगह का इंतज़ाम करना होगा। ये जगह कम से कम 1000 से लेकर 1500 वर्ग फुट तक होनी चाहिए।
साथ में पानी, बिजली और ईंधन की भी जरुरत होगी। काम बड़ा है तो मशीनें भी चाहिए होगीं जैसे कि सेव मेकिंग मशीन, फ्रायर, मिक्सर और पैकेजिंग मशीन। मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी निवेश करना होगा। बिज़नेस के आकार के हिसाब से कच्चे माल पर भी खर्च आएगा। इसके अलावा कुछ खर्च लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पर भी आएगा।
नमकीन के बिज़नेस में कौन कौन सी मशीनों की जरुरत होती है ?
नमकीन का बिज़नेस शुरू करने के लिए कई प्रकार की मशीनों की जरुरत होती है। ये मशीनें स्टेनलेस स्टील की बनी होती हैं और जगह भी हैं। ये सारी मशीनें आगे दिए अनुसार हैं –
बेसन / आटा मिक्सर मशीन (Dough Mixer Machine) – इस मशीन की मदद से बेसन या आटे और मसालों को अच्छी तरह से गूंथकर डो तैयार किए जाते हैं। अगर बिज़नेस छोटे स्तर पर शुरू कर रहें हैं तो आप 10 – 20 किलो वाली ‘मल्ली मशीन’ भी खरीद सकते हैं।
नमकीन मेकिंग मशीन / एक्सट्रूडर (Namkeen Making Machine / Extruder) – इससे सेव, भुजिया, गठिया जैसे उत्पादों को बनाने के लिए आसानी रहती है। इसमें कई तरह के आकार की जालियां होती हैं। इन्हें बदल-बदलकर अलग अलग तरह के नमकीन बनाए जा सकते हैं।
फ्रायर मशीन (Frying Machine) – तैयार नमकीन को तलने के लिए इस मशीन का उपयोग किया जाता है। ये मशीन गैस या बिजली से चल सकती है। इसमें छोटे स्तर के लिए ‘BatchFryer’ या बड़े स्तर के लिए ‘Continuous Fryer’ का उपयोग कर सकते हैं।
एक्स्ट्रा तेल निकालने की मशीन (Hydro Extractor) – इस मशीन की मदद से तली हुई नमकीन से अतिरिक्त तेल निकाला जाता है ताकि नमकीन का कुरकुरापन बना रहे।
मसाला मिक्सर मशीन (Masala Mixer / Coating Drum) – नमकीन में डलने वाले मसालों को एक समान मिलाने के लिए इस मशीन का उपयोग किया जाता है।
पैकिंग मशीन (Packing Machine) – तैयार नमकीन पैक करने के लिए इस मशीन का उपयोग किया जाता है। ये आटोमेटिक और सेमी – ऑटोमैटिक, दोनों तरह में आती है।
मसाला पीसने वाली मशीन (Pulverizer) – इस मशीन का उपयोग भी कई बार होता है।
नमकीन बनाने की मशीन कहाँ से खरीदें ?
नमकीन बनाने की मशीन आप अपने शहर की मशीनरी की बड़ी दुकानों से खरीद सकते हैं। इनकी कीमत और नमकीन बनाने की क्षमता के अनुसार इनकी कीमत होती है। आप अपनी जरुरत के अनुसार मशीनें खरीद सकते हैं।
अगर आप इन मशीनों को ऑनलाइन खरीदना चाहते हैं तो आप Tradeindia, IndiaMART आदि की ऑफिसियल साइट पर जाकर मंगवा सकते हैं।
आर्डर करने पर ये मशीनें आपकी फैक्ट्री में सेटअप की जाएँगी। यहां पर सब तरह की मशीनें आपको मिल जाएँगी। सब की कीमत अलग – अलग होती है। आप अपने बजट के हिसाब से इन्हें खरीद सकते हैं। इन मशीनों की कीमत रु 30, 000 से लेकर लाखों तक होती है।
नमकीन बनाने के लिए क्या कच्चा माल चाहिए होता है ?

नमकीन बनाने के लिए जरुरी कच्चे माल को आगे दिए अनुसार चार भागों में बाँटा जा सकता है जैसे कि –
बेसिक चीजें
बेसन – नमकीन बनाने का सबसे प्रमुख सामग्री यही है। बेसन से सेव, भुजिया और गठिया बनाया जाता है।
दालें – इसमें कुछ दालों जैसे कि चना दाल, मुँग दाल और साबुत मसूर दाल का उपयोग होता है।
अन्य आटे – नमकीन को कुरकुरा बनाने के लिए चावल का आटा और मक्की के आटे का उपयोग किया जाता है मठरी या नमकपारे बनाने के लिए मैदे का उपयोग होता है।
पोहा और कॉर्नफ्लेक्स – मिक्स नमकीन बनाने में इनका उपयोग होता है।
तेल और घी
तलने का तेल – तलने के लिए रिफाइंड तेल, मूंगफली का तेल या पाम आयल को उपयोग में लाया जाता है।
मोयन – आटे को खस्ता बनाने के लिए आटे में थोड़ा तेल या घी डाला जाता है।
मसाले
नमक – सादा नमक और काला नमक चाहिए होता है।
तीखापन – नमकीन में तीखापन लाने के लिए लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च पाउडर और हरी मिर्च का उपयोग किया जाता है।
खटास और चटपटापन – इस स्वाद के लिए चाट मसाला, अमचूर पाउडर, हींग आदि डाला जाता है।
अन्य मसाले– इन सबके अलावा हल्दी, जीरा पाउडर, सौंफ, अजवाइन, धनिया पाउडर, कड़ी पत्ता आदि का उपयोग होता है।
मेवे और अन्य सामग्री
मूंगफली के दाने – हर किस्म के नमकीन में ये डाले ही जाते हैं।
सूखे मेवे – कुछ तरह की खास नमकीन के लिए काजू, बादाम और किशमिश डाले जाते हैं।
बेकिंग सोडा – दालों को भिगोने के लिए और नमकीन को कुरकुरा बनाने के लिए इसका उपयोग होता है।
नमकीन बनाने का कच्चा माल कहाँ से खरीदें ?
नमकीन बनाने के लिए कच्चा माल आप स्थानीय थोक विक्रेताओं, थोक बाज़ारों या सीधे निर्माताओं से भी खरीद सकते हैं। नमकीन बनाने की मुख्य सामग्री जैसे कि बेसन, मूंगफली, पोहा, तेल, मसाले आदि को थोक भाव पर खरीदने से लागत कुछ हद तक कम हो सकती है और अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है। कच्चा माल खरीदने के लिए कुछ प्रमुख थोक मंडियों के बारे में बताया गया है।
मेन थोक बाजार
दिल्ली (Delhi) – दिल्ली में आज़ाद मार्किट, खारी बावली, नया बाज़ार।
जोधपुर / बीकानेर (राजस्थान) – यहां के स्थानीय बाज़ार नमकीन की सामग्रियों के लिए काफी मशहूर हैं।
इंदौर (मध्य प्रदेश) – यहां से नमकीन का व्यापार काफी बड़े स्तर पर होता है। सराफा बाज़ार, लक्ष्मी बाई नगर औद्योगिक क्षेत्र और शहर के बाकी के थोक विक्रेताओं से काम कीमत पर कच्चा माल खरीदा जा सकता है। अन्य – इन सबके अलावा जयपुर, अमृतसर, मुंबई आदि शहरों में नमकीन के कच्चे माल के थोक व्यापारी मौजूद हैं।
ऑनलाइन सप्लायर
Tradeindia और IndiaMART – आप ऑनलाइन भी कच्चा माल खरीद सकते हैं। आप Tradeindia और IndiaMART की ऑफिशल वेबसाइट पर जाकर थोक में कच्चा माल खरीद सकते हैं।
यहां पर कई सारे कच्चे माल के विक्रेता मौजूद हैं जैसे कि ‘Jain Shree Marketing’, ‘Annapurna Home Industries’, ‘Nakoda Foods Marketing’ आदि जो आपको कच्चा माल उपलब्ध करवाते हैं।
स्थानीय सप्लायर
कच्चे माल के लिए आप अपने नजदीकी शहर की अनाज मंडी या थोक बाजार से कम कीमत में कच्चा माल खरीद सकते हैं।
नमकीन की पैकेजिंग कैसे करें ?

फैक्ट्री में तैयार नमकीन को अच्छे से पैक करने के लिए सेमी – आटोमेटिक और फुल्ली आटोमेटिक दोनों तरह की मशीनें बाजार में उपलब्ध हैं। इन मशीनों की मदद से बहुत कम वक्त में ज्यादा काम हो जाता है।
छोटे स्तर के बिज़नेस के लिए पैकिंग मशीन
हैंड – हेल्ड हीट सीलर – अगर आपका बिज़नेस छोटे स्तर पर शुरू किया गया है तो आप तैयार नमकीन को तौलने वाली मशीन की सहायता से तौल कर पन्नियों में भरकर इस मशीन की मदद से पैक कर सकते हैं। बाजार में इनकी कीमत लगभग रु 800 से रु 2000 तक होती है।
बैच कटर – आप पैकिंग के काम की गति को तेज करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
नाइट्रोजन फ्लशिंग – नमकीन के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरने से नमकीन ज्यादा दिनों तक कुरकुरी बनी रहती है और टूटती भी नहीं। इसलिए इसे जरूर भरें।
बड़े स्तर के बिज़नेस के लिए मशीन
बड़े स्तर के बिज़नेस के लिए बाजार में कई तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। इनकी कीमत रु 80,000 से रु 1,50,000 तक या इससे भी ज्यादा हो सकती है। तकनीक के तौर पर इनके कुछ खास नाम हैं जो आगे दिए है –
मल्टीहैड वेइअर पैकिंग मशीन (Multihead Weigher Packing Machine) – ये मशीन सबसे एडवांस और तेज मशीन है। इसमें कई प्रकार के हेड्स होते हैं जो नमकीन का बिलकुल सही वजन करके उसे पैक करते हैं।
कप फिलर पैकिंग मशीन (Cup Filler Packing Machine) – ये मशीन कम कीमत की होती है। ये कप के माप से नमकीन पैकेट में भरती है। ये छोटे पैकेटों रु 5 या रु 10 वाले छोटे पैकेटों के लिए सही रहती है।
VFFS मशीन (Vertical Form Fill Seal) – यह मशीन सबसे ज्यादा प्रयोग में लाई जाती है। ये मशीन रोल से पैकेट बनती है, उसमें नमकीन भरती है और फिर सील कर देती है।
कॉलर टाइप पैकिंग मशीन (Collar Type Packing Machine) – ये मशीन VFFS का ही एक एडवांस रूप है। इसका उपयोग मध्यम से लेकर बड़े स्तर के बिज़नेस में किया जाता है।
न्यूमैटिक पाउच पैकिंग मशीन (Pneumatic Pouch Packing Machine) – ये मशीन एयर प्रेशर से चलती है। ये फिनिशिंग में काफी अच्छी होती है।
फुल्ली आटोमेटिक मशीन कैसे काम करती है ?
मशीन के हॉपर में प्रोडक्ट डालना – फैक्ट्री में तैयार नमकीन को पैक करने के लिए सबसे पहले मशीन के हॉपर (फ़नल) में डाला जाता है।
वजन (Weighing) – इसके बाद मलिट हेड या लीनियर वेइगर की मदद से मशीन सही वजन को तौलती है। जैसे कि 50 ग्राम या 100 ग्राम।
पैकेजिंग पाउच – नमकीन को पैक करने के लिए आमतौर पर खाद्य – ग्रेड लैमिनेटेड पाउच (LDPE / HDPE) का उपयोग किया जाता है।
नाइट्रोजन फ्लशिंग (Nitrogen Flushing) – नमकीन को पैकेट में भरने के बाद एयरटाइट करने से पहले इसमें नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। ताकि लम्बे समय तक इसका कुरकुरापन बना रहे।
सीलिंग और कटिंग ( Heat Sealing Jaw) – हीट सीलिंग जॉ नमकीन से भरे पैकेट को सील कर देती है और आटोमेटिकली पैकेट को काट भी देती है।
कोडिंग (Coding) – इन मशीनों में बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और एक्सपायरी तारीख प्रिंट करने की सुविधा भी होती है। इसके बाद नमकीन पैकेट में बिकने के लिए तैयार हो जाती है।
नमकीन बनाने के बिज़नेस की मार्केटिंग कैसे करें?
आपने नमकीन तो बना लिए अब उसको आम लोगों तक पहुंचाने के लिए आपको मार्केटिंग करनी होगी। मार्केटिंग के माध्यम से आप देख के किसी भी कोने में बैठे कस्टमर को अपने प्रोडक्ट के बारे में अवगत करा सकते हैं। आईये जानते हैं कुछ ऐसे तरीके जिनके माध्यम से आप अपने नमकीन के बिज़नेस की मार्केटिंग कर सकते हैं।
सबसे पहले अपने आस-पास से मार्केटिंग शुरू करें
अगर नमकीन का काम शुरू किया है, तो पहले ये देखें आपके आस आस लोग किस तरह की किस स्वाद की नमकीन खाना पसंद करते हैं फिर उस हिसाब से नमकीन बनाएं। और आस पास के मोहल्ले के लोकल दुकानदारों को, व्होलसेलेर और सप्लायर को अपने बिज़नेस के बारे में बताएं उन्हें कुछ सैंपल दें टेस्टिंग के लिए।
जहां भी भीड़ मिलती हो, वहां नमकीन का स्वाद लोगों को चखाएं और अपने बिज़नेस के प्रति लोगों को अवगत करवाएं । जो लोग स्वाद पसंद करें, उनसे दोबारा आने के लिए कहें और उनका नंबर भी रख सकते हैं।
फिर समय समय पर उनको आकर्षक ऑफर देते रहे हैं। क्योंकि एक लोकल दुकानदार तभी आपकी नमकीन अपने मोहल्ले में बेचेगा जब उसको आकर्षक ऑफर मिलेंगे।
पैकिंग और मोबाइल से भरोसा बनाएं
नमकीन की पैकिंग साफ-सुथरी रखें और पैकेट पर अपने ब्रांड का नाम लिखें और बनाने की तारीख लिखें। पैकिंग ऐसी रखें जिसे देखकर लोग समझ जाएं कि नमकीन ताज़ा है। जो सप्लायर, व्होलेसलेर आपसे नमकीन खरीदें, उनके मोबाइल नंबर सेव करें और व्हाट्सऐप पर उन्हें नए स्टॉक बारे में बताएं कि आज नई नमकीन बनी है।
रोज़ नमकीन बनाते और पैक करते समय फोटो या वीडियो लेकर व्हाट्सऐप स्टेटस पर डालें और लोगों को याद दिलाते रहें कि आप लगातार काम कर रहे हैं। और डिमांड को देखते हुए पैकेजिंग करें। बड़े छोटे से लेकर बड़े पैकेट में अपनी ब्रांड की नमकीन की पैकेजिंग करें।
सोशल मीडिया मार्केटिंग
जब आसपास के लोग आपको पहचानने लगें, जब आप अपने लोकल में मशहूर हो जाएँ तो फेसबुक और इंस्टाग्राम पर नमकीन की फोटो और छोटे वीडियो डालना शुरू करें। अपने इलाके का नाम लिखें ताकि पास के लोग आपको ढूंढ सकें।
शुरू में दो पैकेट पर एक पैकेट मुफ्त जैसे छोटे ऑफर रखें या पैकेट में कुछ उपहार रखें ताकि नए लोग नमकीन आज़माएं। साथ ही लोगों को यह बताएं कि नमकीन घर से शुरू हुई है, आप नमकीन बनाते समय शुद्धता का पूरा ध्यान रखते हैं और ये अपने तरीके से बनती है और मिलावट से दूर है। स्वाद और सच्ची बात दोनों साथ रखें ताकि लोग खुद आपके प्रचारक बनें।
निष्कर्ष और आगे क्या करें
नमकीन मेकिंग बिज़नेस आज के समय में उन व्यवसायों में शामिल है, जहाँ मांग पहले से मौजूद है, बस सही तरीके से उस मांग तक पहुँचना ज़रूरी है। यह बिज़नेस स्वाद, गुणवत्ता और भरोसे पर चलता है। अगर आपने सही कच्चा माल चुना, साफ सफाई का ध्यान रखा और धीरे धीरे बाजार समझकर कदम बढ़ाए, तो यह बिज़नेस लंबे समय तक चल सकता है।
इस लेख में आपने नमकीन बिज़नेस की शुरुआत से लेकर लाइसेंस, लागत, मशीनरी, मार्केटिंग और मुनाफ़े तक की पूरी तस्वीर देखी। अब अगला कदम सिर्फ सोचना नहीं, बल्कि छोटा और सही एक्शन लेना है।
पहले छोटे स्तर पर शुरुआत करें, अपने आसपास के ग्राहकों की पसंद समझें और फिर धीरे धीरे स्केल बढ़ाएँ।






